अंतरराज्यीय ट्रक लूट गिरोह का सदस्य और पूर्वांचल का इनामी अपराधी राकेश जायसवाल अपने दो अन्य साथियों के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस ने उसे जौनपुर-वाराणसी हाईवे पर बिनावर उजाला ढाबा के समीप गुरुवार को गिरफ्तार किया। अपराधियों के पास से चोरी की इंडिका कार, तमंचा, फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेज बरामद हुए हैं।
इनामिया अपराधियों की धरपकड़ के लिए गठित टीम को बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि पूर्वांचल का कोई शातिर जौनपुर की तरफ आ रहा है। इसके बाद जलालपुर के थानेदार विवेक सिंह और बक्शा थानेदार प्रशांत श्रीवास्तव हमराहियों के साथ उजाला ढाबा के समीप अपराधियों की प्रतीक्षा करने लगे। इसी बीच दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वाराणसी की तरफ से एक लाल रंग की इंडिका कार आती दिखाई दी।
पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को देख चालक ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान पूर्वांचल के शातिर अपराधी राकेश जायसवाल के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुए। उसके खिलाफ जलालपुर थाने में लूट का मुकदमा दर्ज है और उस पर पांच हजार का इनाम भी घोषित है।
मड़ियाहूं थाने में उस पर ढाई हजार का इनाम घोषित है। इसके अलावा गाजीपुर के खानपुर थाने में पांच हजार और वाराणसी के लंका थाने में ढाई हजार का इनाम रखा गया है। उसके साथ भदोही जिले के औराई थानाक्षेत्र के महराजगंज निवासी शिवशंकर साहू पुत्र स्व. विश्वनाथ और मड़ियाहूं थाने के चांदपुर राजधानी ट्रांसपोर्ट निवासी संजीव जायसवाल पुत्र दीनानाथ भी गिरफ्तार किए गए।
पुलिस कप्तान बबलू कुमार के मुताबिक यह गिरोह एकांत रास्तों पर रहजनी करने के अलावा हाईवे आदि पर एआरटीओ और फाइनेंसर बनकर ट्रक लूट की घटना को अंजाम देता है। चोरी के ट्रकों को बंगाल और उड़ीसा में फर्जी कागजात के आधार पर इंजन और चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे।
राकेश जायसवाल के खिलाफ जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद और गाजीपुर में कुल 15 मामले दर्ज हैं। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार इनाम की घोषणा की है।