मछलीशहर थाना क्षेत्र में नौ वर्ष पूर्व दहेज हत्या के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने पति को दोषी करार देते हुए सात वर्ष का सश्रम कारावास व साढ़े छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि संदेह का लाभ देते हुए सास को बरी कर दिया गया।
अभियोजन कथानक के अनुसार- खुटहन थाना क्षेत्र के भिखारीपुर निवासी उमाशंकर सिंह पुत्र दयाशंकर सिंह ने मछलीशहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हमलोग अहमदाबाद रहते हैं। मै अपनी पुत्री रेखा सिंह की शादी आठ मई 2002 को मछलीशहर थाना क्षेत्र के बटनहित निवासी श्याम सिंह पुत्र स्व.विजयबहाुदर सिंह के साथ किया था।
पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो सास जानकी देवी व पति श्याम सिंह ने दहेज में कलर टीवी, फ्रीज, वाशिंग मशीन सहित 50 हजार रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। उक्त मांग पूरी नहीं होने पर 26 फरवरी 2007 की चार बजे पुत्री रेखा के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर उसके पति व सास ने जला दिया।
जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। तीन मार्च 2007 को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव व राजनाथ चौहान ने कुल छह गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसिलन के बाद आत्म मानते हुए आरोपी पति श्याम सिंह को दोषी करार देते हुए सात वर्ष का सश्रम कारावास व साढ़े छह हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि संदेह का लाभ देते हुए आरोपी सास को बरी कर दिया गया।