सिकरारा थाना क्षेत्र में दलित युवती से चाकू की नोक पर बलात्कार करने के चकमहिता निवासी आरोपी रिंकू उर्फ धीरज को दोषी करार देते हुए गुरुवार को एडीजे प्रथम बुधिराम यादव ने खुले न्यायालय में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड की धनराशि नहीं अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आदेशित किया है कि अर्थ दंड की धनराशि में 10 हजार रुपए पीड़िता को दिया जाए।
अभियोजन कथानक के अनुसार- सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री खेत में मजदूरी करने जा रही थी। वह नहर के पास पहुंची थी कि आरोपी चकमहिता निवासी रिंकू उर्फ धीरज गिरी ने रोक लिया।
दुपट्टे से मुंह बांध कर चाकू की नोक पर उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता विजयशंकर यादव व बलिराम यादव ने कुल छह गवाह न्यायालय में पेश किया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसिलन के पश्चात आरोपी रिंकू उर्फ धीरज गिरी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।