भाई की हत्या के मामले में मुकदमें की पैरवी कर रहे रामपुर थाना क्षेत्र के आशानंदपुर निवासी दलशृंगार दीक्षित की हत्या करने जा रहे पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से पुलिस ने पिस्टल, तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। आरोप है कि हत्या के मामले में जेल में बंद आशानंदपुर के ग्राम प्रधान सुधाकर दीक्षित ने बदमाशों को सुपारी दी थी।
पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना को सूत्रों से सूचना मिली थी कि रामपुर थाना क्षेत्र के आशानंदपुर गांव निवासी दलशृंगार दीक्षित की हत्या करने के लिए बदमाश जा रहे हैं। एसटीएफ इलाहाबद ने सर्विलांस और मुखबिर के जरिए थानाध्यक्ष रामपुर के संयुक्त आपरेशन से रामपुर थाना क्षेत्र के दुबेपुर के पास से शनिवार को करीब तीन बजे पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें दलशृंगार दीक्षित उर्फ पट्टर निवासी आशानंदपुर की हत्या की सुपारी जेल में बन्द सुधारकर दीक्षित व मोनू सिंह ने दी थी। सुधाकर दीक्षित आशानंदपुर गांव निवासी दरवेश दीक्षित की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं जबकि मोनू सिंह के खिलाफ जलालपुर थाने में हत्या का केस दर्ज है। दोनों ने मिलकर बदमाशों को असलहा, कारतूस और बाइक उपलब्ध कराई थी।
दलशृंगार ही अपने भाई दरवेश की हत्या के मामले में मुकदमें की पैरवी कर रहे हैं। बदमाशों ने बताया कि हत्या के लिए उन्होंने रेकी कर लिया था और रविवार को उन्हें घटना को अंजाम देना था। पकड़े गए बदमाशों में शैलेष दुबे निवासी कोछिया थाना सुरियावां भदोही, तबदील हसन निवासी सहदपुर थाना अखंडनगर सुल्तानपुर, सुरेश चन्द्र दीक्षित निवासी आशापुर थाना रामपुर जौनपुर, नील कमल निवासी बाध थाना सरपतहा और लालसाहब यादव निवासी हरीपुर पट्टी थाना सराय ममरेज इलाहाबाद शामिल हैं। शैलेष दुबे के खिलाफ भदोही और वाराणसी के थानों में हत्या लूट, जबकि लाल साहब यादव के खिलाफ जिले के मीरगंज थाने में लूट और प्राणघातक हमले का केस दर्ज है। टीम में थानाध्यक्ष रामपुर नदीम अहमद फरीदा, एसटीएफ इलाहाबाद के अतुल कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, केशव चंद्र राय शामिल थे।