कैंप में वसूली के बाद लौट रहे बिजली विभाग के कर्मचारियों से की गई छह लाख रुपये लूट की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि तीनों बदमाश अंतर प्रांतीय गिरोह के सदस्य हैं। उनपर हत्या और लूट के केस दर्ज हैं। तीनों के पास से पुलिस ने लूट के 2.93 लाख रुपये, तीन असलहे और नौ कारतूस बरामद किया है।
पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि खेतासराय थाना क्षेत्र के मानीकला के पास 24 अप्रैल को बिजली विभाग के कर्मचारियों से बाइक सवार बदमाशों ने असलहे के बल पर छह लाख रुपये की लूट की थी। घटना के खुलासे के लिए चंदव, खेतासराय, सिकरारा थानाध्यक्ष के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया था। 12 मई की शाम चंदवक पुलिस खुज्झीमोड़ के पास मौजूद थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली की खेतासराय में हुई लूट के अभियुक्त दो मोटरसाइकल से वाराणसी से ट्रेन पकड़ने के लिए कनौरा बार्डर होते हुए जाएंगे। पुलिस ने घेराबंदी कर दो बाइक पर सवार तीन बदमाशों को हल्की मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में बदमाशों ने खेतासराय के मानीकला में हुई लूट की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। बदमाशों ने बताया कि लूटे गए बैग से उन्हें 4.73 लाख रुपये मिले थे जिसे वे आपस में बांट लिए थे। उनके पास से पुलिस ने 2.93 लाख नकद, 21 मोबाइल फोन, तीन असलहे, नौ कारतूस बरामद हुआ। पुुलिस ने तीनों को को लूट और पुलिस टीम पर प्राणघातक हमले समेत कई अन्य धारा में केस दर्ज कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार गिए गए बदमाशों में किरन दूबे निवासी सरसौडा थाना गौराबादशाहपुर, दुर्गेश प्रताप राजभर निवासी कौरा गहनी थाना सरायमीर आजमगढ़, सुनील निवासी निवासी हाजीपुर अंबारी थाना फुलपुर आजमगढ़ शामिल हैं। उनके खिलाफ मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या और लूट के केस दर्ज है।