हत्यारोपी युवती के साथ पुलिस हिरासत में गैंगरेप के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनय मिश्र ने 14 फरवरी को एसओ मीरगंज को प्राथमिकी दर्ज कर उसकी कापी लेकर कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
पवारा थाना क्षेत्र में 30 अक्तूबर को अधिवक्ता की हत्या के मामले में युवती उसकी मां, बहन, पिता, भाई समेत सात लोगों के खिलाफ 31 अक्तूबर को हत्या का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने युवती, उसकी बहन और मां को हिरासत में ले लिया।
आरोप है कि हथियार बरामद करने के नाम पर एक नवंबर की रात पुलिस मीरगंज थाना क्षेत्र के उसके घर पर ले गई जहां छह लोगाें ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जेल में युवती के गर्भवती होने का राज आठ माह बाद खुलने से पहले उसके पिता का मार्च और भाइयों की अप्रैल में जमानत हो गई थी।
बाद में उसकी बहन की जुलाई में और मां की सितंबर में जमानत हो गई। युवती ने जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। अब जेल में युवती अपने बच्चे के साथ बंद है। इस मामले में उसके पिता ने सीजेएम न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र केस दर्ज करने के लिए दिया था।
सीजेएम अभिनय मिश्र ने एसओ मीरगंज को 28 जनवरी को केस दर्ज करने का आदेश दिया था लेकिन पुलिस केस दर्ज करने की बजाय पांच फरवरी को एसओ योगेंद्र सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि संबंधित घटनाक्रम में अभियोग पवारा थाने में पंजीकृत है। ऐसे में पवारा थाने में केस दर्ज करने का आदेश पारित किया जाए।