सरपतहा थाने में रविवार को नशे में धुत होकर अपशब्द कह रहे सिपाही की पिटाई कर एसओ ने उसे लाकअप में बंद कर दिया। एक पत्रकार ने इसकी फोटो ली तो एसओ ने उसका मोबाइल छीन लिया। बाद में एसपी के हस्तक्षेप पर पत्रकार का मोबाइल सीओ ने वापस कराया।
सरपतहा थानाध्यक्ष और एक सिपाही के बीच कई दिनों से तनातनी चल रही थी। रविवार को सिपाही से एसओ की कहासुनी हो गई। आरोप है किएसओ ने उसे कमरे में ले जाकर पीटा। बाद में सिपाही शराब पी कर आया तो थाने में तमाम लोगों के सामने गाली देने के साथ एसओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने लगा।
देखते ही देखते एसओ और सिपाही में धक्कामुक्की शुरू हो गई। एसओ ने सिपाही को पीटकर लाकअप में बंद कर दिया। इसी दौरान एक पत्रकार ने पूरे प्रकरण का वीडियो क्लिप बना लिया। यह देख एसओ बौखला गए। उन्होंनेे सिपाहियों के साथ मिलकर पत्रकार का मोबाइल छीन लिया और वीडियो क्लिप को खत्म कर दिया।
इस दौरान पत्रकार और एसओ में धक्कामुक्की भी हुई। एसओ ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। उधर, पत्रकार ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर दी। बाद में एसपी अतुल सक्सेना के निर्देश पर सीओ शाहगंज एसओ महेंद्र सिंह देव एसओ विश्वजीत को साथ लेकर पत्रकार के घर पहुंचे और उनका मोबाइल वापस करने के साथ घटना के लिए
खेद जताया। इस घटना से स्थानीय पत्रकार आहत हैं। उन्होंने बैठक कर आक्रोश जताया है। एसओ विश्वजीत का कहना है कि कोई भी लाकअप का फोटो नहीं ले सकता। वे फोटो ले रहे थे इस वजह से मोबाइल ले लिया। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई थी।