फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वर्षों से चल रहा रिफिलिंग का धंधा

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
जौनपुर। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक तकरीबन 20 हजार से अधिक पांच किलो के सिलिंडर हैं। इनको ग्रामीण अंचल के चौराहों से लेकर शहर की दुकानों पर खुलेआम भरा जाता है। रिफिलिंग का न तो किसी के पास कोई लाइसेंस है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। मगर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। जगदीशपट्टी की दुर्घटना के बाद जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को कड़े निर्देश जारी किए हैं वे सिलिंडर रिफिलिंग पर कत्तई रोक लगाएं।
गैस सिलेंडर रिफिलिंग का कारोबार चोरी छिपे ही होता है लेकिन यह धंधा शहर से लेकर गांव तक फैला हुआ है। जिम्मेदार अफसर इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। जिलापूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह का कहना है कि करीब ढाई महीने पहले मछलीशहर में और डेढ़ माह पहले मल्हनी में गैस रिफिलिंग करते पकड़ा गया था और मुकदमा दर्ज कराया गया। सभी तहसीलों के आपूर्ति निरीक्षकों को गैस रिफिलिंग कारोबार की छानबीन कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गैस रिफिलिंग के लिए जिले में किसी के भी पास लाइसेंस नहीं है। सवाल उठता है कि आखिर पांच किलो के सिलेंडर कहां भरे जा रहे हैं। एक अनुमान के तहत पचास लाख की आबादी वाले इस जिले में तकरीबन 20 हजार पांच किलो के गैस सिलेंडर हैं और इसके उपभोक्ता नियमित रूप से उसके रिफिलिंग कराते हैं। इतना ही नहीं रिफिलिंग का यह अवैध कारोबार घनी आबादी में भी होता है। मल्हनी और मछलीशहर में जिन दो स्थानों पर आपूर्ति विभाग की छापेमारी में यह अवैध कारोबार पकड़ा गया था वहां भी घनी आबादी में ही धंधा चल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


गैस रिफिलिंग का कारोबार पूरी तरह से अवैध है। इसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश सभी एसडीएम को दे दिए गए हैं। जागरूक नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि अगर उनकी जानकारी में कहीं इस तरह का अवैध कारोबार हो रहा तो उसकी सूचना पुलिस या जिला प्रशासन को दें।
अरविंद मलप्पा बंगारी
जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें