जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मारपीट के मुकदमे में जांच करने पहुंचे तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश यादव व एसआई अरविंद कुमार पर चोटों का मुआयना करने के बहाने नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच कर सात दिन में रिपोर्ट भेजने को कहा है। उधर, 9 दिसंबर 2018 की शाम शौच के लिए गई उसकी मां से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी दिलशाद व ऐनुल पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश सीजेएम ने थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को दिया है।
सरायख्वाजा निवासी एक महिला ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग दिल्ली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसे व उसके घर वालों को मारने पीटने के मामले में मुनीर आदि पर मुकदमा सरायख्वाजा थाने में दर्ज हुआ था। उसे व उसके परिवार वालों को आई गंभीर चोटों को पुलिस ने हल्का कर मामूली धारा में केस दर्ज किया। वादिनी द्वारा अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम व रवि प्रकाश पाल के माध्यम से पुलिस के उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया जिस पर 10 दिसंबर 2018 को 9 बजे तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश यादव व एस आई अरविंद सिंह जांच करने के लिए उसके घर आए थे। उसकी नाबालिग पुत्री बाहर आई। उसे भी चोटें लगी थीं। उसकी चोटों का मुआयना करने के बहाने उसे कमरे में ले गए और उसके साथ दुराचार किया। आयोग ने पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।