इटहरा गांव में सड़क हादसे की घटना के बाद उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़, आगजनी और पथराव के मामले में एसओ तहसीलदार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 16 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राणघातक हमला, बलवा, पथराव, आगजनी सहित 17 गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर रविवार
को जेल भेज दिया। इटहरा गांव में 15 जून की रात में अनियंत्रित बोलेरो की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए थे। 16 जून को उपद्रवियों ने सिपाही की बाइक फूंक दी। पुलिस पर कई बार पथराव किया और धक्का मुक्की की।
यह अलग बात है कि पुलिस ने भी ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा था। पुलिस उत्पीड़न की वजह से पूरा गांव खाली हो गया है। महिलाओं और बच्चों को छोड़कर कोई भी पुरुष घर में नहीं है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है। जो लोग मौके पर नहीं थे उन्हें भी परेशान किया जा रहा है। गांव में रोज पुलिस आ रही है और लोगों को डरा धमका रही है। उधर एसपी ग्रामीण अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि घटना की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई थी।
उसी आधार पर 16 लोगों को नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिन पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उनमें राजन यादव निवासी शिवगढ़ थाना फतनपुर प्रतापगढ़ , राजेश पांडेय निवासी रामपुर थाना फतनपुर प्रतापगढ़, सोनू पटेल निवासी इटहरा थाना मुगराबादशाहपुर, सभाजीत पटेल निवासी नोनरा भरतीपुर थाना सुरेरी जौनपुर तथा केवला प्रसाद निवासी हंसराजपुर थाना फूलपुर इलाहाबाद शामिल हैं।