जौनपुर। कार्यों में लापरवाही एसओ नेवढ़िया एवं एसआई सिंगरामऊ के एसओ को महंगी पड़ गई। दोनों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है।
नेवढ़िया थाना क्षेत्र के काजीपुर दरगाह गाव में बीते 18 जून को दलित बस्ती में आई बारात में आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान दो समुदायों के बीच मारपीट हो गई थी। मारपीट की सूचना लिखित तहरीर के रूप में दलित बस्ती के लोगों द्वारा नेवढ़िया पुलिस को दी गई। नेवढ़िया पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। वहीं जब दूसरे समुदाय के मनबढ़ों को इस बात की सूचना हुई की उनके खिलाफ थाने पर तहरीर दलित बस्ती के लोगों द्वारा दिया गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरे समुदाय के मनबढ़ों ने दोबारा गुरुवार शाम को पिता-पुत्र को बाजार से घर आते समय पीटकर घायल कर दिया। दोबारा मारपीट की घटना के बाद आक्रोशित दलित बस्ती के सैकड़ों लोगों ने मनबढ़ों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। सीओ मड़ियाहूं अवधेश शुक्ला ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। सीओ की रिपोर्ट पर सिपाही मिथिलेश यादव को एसपी ने दो दिन पहले लाइन हाजिर किया था। लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष नेवढ़िया बंश बहादुर सिंह को भी पुलिस अधीक्षक ने शनिवार की देर रात लाइन हाजिर कर दिया। उधर. सिंगरामऊ में तैनात एसआई अजय सिंह को भी कार्योा के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।
कई थाने खाली, नहीं हुई तैनाती
जौनपुर। सिकरारा, सुरेरी, नेवढ़िया सहित चार थाने एसओ विहीन हो गए है। लेकिन इनके स्थानों पर अभी किसी की तैनाती नहीं हो सकी है। सूत्रों की मानें तो एक ही जाति के जमें कई थानेदारों की संख्या कमी की जा सकती है। थानेदारी बचाने एवं चार्ज पाने के लिए दरोगा, इंस्पेक्टर राजनैतिक सिफारिश लगाने में जुट गए है। भाजपा संगठन में फेरबदल के बाद कुछ पर गाज गिर सकती है।