गौराबादशाहपुर। चूल्हे की आग को बुझाये बिना ही उसे कचरे में फेंकने की मामूली सी लापरवाही ने दस परिवारों को बेघर कर दिया। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के नयनसंड गांव की दलित बस्ती में कचरे से फैली आग से दस परिवारों के तीन पक्के मकान और 20 रिहायशी छप्पर, उसमें रखे गृहस्थी के सारे सामान जलकर राख हो गए। अलग अलग घरों में रखे एक रसोई गैस और दो पेट्रोमैक्स में विस्फोट हो गया जिससे आग और विकराल हो गई। आग की चपेट में आने से पति पत्नी समेत चार लोग झुलस गए। आठ बकरियों और गाय की झुलसकर मौत हो गई। फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मदद से तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।
नयनसंड गांव की दलित बस्ती में किसी ने चूल्हे की राख को ठीक से बुझाए बिना ही उसे घर के पास कचरे में फेंक दिया। राख में मौजूद चिंगारी से कचरे में आग लग गई। कचरे से फैली आग मुनीब के रिहायशी छप्पर तक पहुंच गई। छप्पर जलता देख किसी ने शोर मचाया तो बस्ती के लोग आग बुझाने में जुट गए। तेज हवा के चलते आग बुझाने में लोग कामयाब नहीं हुए और आग दूसरे छप्पर को भी अपने आगोश में ले लिया। मुनीब के छप्पर में रखा रसोई गैस सिलेंडर गर्म होकर फट गया। सिलेंडर फटते ही आग और तेजी से फैल गई। लोग आग बुझाना छोड़कर अपने अपने घरों में रखा गैस सिलेंडर सुरक्षित मैदान में रखने लगे। आधे घंटे के अंतराल में सर्वेश और मेवालाल के घर में रखा पेट्रोमैक्स (छोटा गैस सिलेंडर) भी फट गया। इस दौरान आग की चपेट में आने से मुनीब, उनकी पत्नी निर्मला, पुत्री हेमलाता और सर्वेश कुमार झुलस गए। सूचना पर फायर ब्रिगेड पहुंचा और गांव के लोग पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाने में जुट गए। करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक मुनीब, रामलखन, तेजू, फिरिंत, मेवालाल, विनोद कुमार, जदुनाथ, हरिनाथ, सुनीता और हरीलाल के 20 रिहायशी छप्पर और तीन पक्के मकान जलकर राख हो गए। मुनीब छह बकरियां, एक गाय एवं मेवालाल व विनोद की भी एक एक बकरी की झुलसकर मौत हो गई। सूचना पर कानूनगो चेतनारायन सिंह थाना अध्यक्ष विजय कुमार चौरसिया, लेखपाल गिरजा शंकर भी मौके पर पहुंचकर बस्ती में अगलगी से हुई क्षति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिए जाने का भरोसा दिया।