मछलीशहर। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के अलग अलग गांवों में बुधवार की रात पिकअप सवार पशु तस्कर पथराव और फायरिंग कर तीन भैंस उठा ले गए। जबकि पथराव में छह लोग घायल हो गए। तस्करों को देखकर शोर मचाने पर जमालापुर गांव से एक किशोरी को भी उठाने का प्रयास किया। पर ग्रामीणों की घेरेबंदी पर उसे छोड़कर भाग गए। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को सुबह मडिय़ाहूं मछलीशहर मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझा बुझाकर आधे घंटे में जाम समाप्त करवाया। कोतवाल अनिल सिंह का दावा है कि कोढ़ा गांव के पास पशु तस्करों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। लेकिन पथराव करते तस्कर भाग गए। पुलिस की ओर से छह गोलियां चलाई गई, जिसमें एक तस्कर को भी गोली लगी है।
रातमें करीब डेढ़ बजे पिकअप सवार तस्कर जमालपुर गांव में पहुंचे। यहां एक घर के सामने पशुशाला में बंधी भैंस खोलकर पिकअप पर लाद रहे थे। तभी परिजनों के साथ हल्ला मचा रही 17 वर्षीय किशोरी को खींचकर पिकअप में बैठा लिया। उधर शोर सुनकर गांव को लोग ईंट पत्थर और लाठी लेकर वाहन को घेर लिया। तब तस्कर किशोरी को छोड़कर भाग गए।
इससे पहले इसी गांव में पहुंचे तस्कर रामधनी के घर के पास से उनकी भैंस लाद लिए। रामधनी के शोर मचाने पर तस्करों ने फायरिंग कर दी और भैंस लादकर भाग गए। इसी गांव में छोटेलाल के घर से भी भैंस उठाने का असफल प्रयास किया। सिकरारा थाना क्षेत्र के अरुआवां गांव निवासी कृपाशंकर मिश्र के पशुशाला से पिकअप गैंग ने एक भैंस गाड़ी में लाद लिया। कृपाशंकर ने पीछा किया तो पथराव कर उन्हें घायल कर दिया। पशु तस्कर यहां से पाल बस्ती में पहुंचे जहां बकरी लादने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने हल्ला मचाया तो भाग गए। कोठारी गांव की दलित बस्ती में अनिल कुमार की पशुशाला से भी मवेशियों को लादने का प्रयास किया। रामनगर में भी भैंस उठाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने दौड़ाया तो तस्कर भाग गए। छैला मियां का पूरा निवासी सालिकराम मौर्य की भैंस को पिकअप पर लाद लिया। विरोध कर रहे उनके पुत्र सुरेशचन्द्र मौर्य को पत्थर मारकर घायल कर दिया। पथराव में लक्ष्मी, आर्यन, दिलीप और सुनील को भी चोट आई है। ग्रामीणों का कहना है कि 100 नंबर पर सूचना के एक घंटे बाद पुलिस आई तो तस्कर भाग चुके थे।