खेतासराय। चार साल में धन दूना करने के चक्कर में एजेंट के माध्यम से पैरा बैंकिंग कंपनी में रुपये जमा करने वाली महिलाएं रविवार को थाने पहुंच गई। आरोप लगाया कि समय पूरा होने के बाद भी उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। पुलिस ने एजेंट को थाने में बुलवाकर महिलाओं के सामने पंचायत कराई। एजेंट ने छह महीने के भीतर मूल धन वापस करने का भरोसा दिया तो महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ।
नगर के डोभी वार्ड में निजी पैरा बैंकिंग कंपनी का कार्यालय चार साल पहले खोला गया था। एजेंट के माध्यम से दावा किया गया कि चार साल में ही कंपनी को जितना पैसा जमा होगा उसकी दूनी रकम कंपनी वापस लौटा देगी। इसके लिए हर महीने लोगों से रुपये जमा करवाये जाते थे। किसी ने एक हजार रुपये तो किसी ने पांच सौ रुपये महीने की दर से किस्त जमा करनी शुरू की। रविवार को मोहल्ला निवासी शकुन्तला राजभर, संगीता राजभर, सविता राजभर, मनरा देवी, प्रभावती, अनीता, गीता, सुषमा, सावित्री, निर्मला, सुमन समेत करीब 35 की संख्या में खेतासराय थाने पहुंची महिलाओं ने आरोप लगाया कि जुलाई महीने में ही उनका चार साल पूरा हो गया। एजेंट से रुपये वापस करने की मांग की जा रही है तो उसका कहना है कि कंपनी बंद हो गई अब रुपये वापस नहीं होंगे। महिलाओं ने थाने में हल्ला मचाना शुरू किया तो थानाध्यक्ष जगदीश कुशवाहा ने एजेंट को बुलवाकर पंचायत की। एजेंट का कहना है कि कंपनी ने उनसे जो वादा किया था उसके मुताबिक हमने जमा करवाए हैं। सभी की जमा रकम की रसीद भी उनके पास है। कंपनी भाग गई तो अब क्या करें। पंचायत में तय हुआ कि छह महीने के भीतर एजेंट अपने पास से ही मूलधन महिलाओं को लौटाएंगे। इसी बात पर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ और वे थाने से वापस घर गईं।