जौनपुर। बिजली विभाग के ठेकेदार नवल किशोर सिंह की हत्या ठेकेदारी के विवाद में की गई थी। इस बात का खुलासा हत्या के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने किया है। लाइनबाजार थाने की पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि अभी शूटरों को पुलिस अभी नहीं पकड़ पाई है। पुलिस के मुताबिक नवल किशोर की हत्या में जिन लोगों का नाम सामने आया है, उनमें कुछ आरोपियों का हाथ जमैथा के राजेश सिंह में भी बताया जा रहा है।
चंदवक थाना क्षेत्र के मढ़ी गांव निवासी नवल किशोर सिंह की 13 अगस्त की शाम लाइनबाजार थाना क्षेत्र के पीली कोठी के निकट बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नवल किशोर अपनी कार से वाराणसी जा रहे थे तभी बदमाशों ने बाइक से ओवरटेक कर रोक लिया और जबतक वह कुछ समझ पाते तब तक ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मार डाला था। घटना के खुलासे के लिए एसपी दिनेश पाल सिंह ने लाइनजार , मुंगराबादशाहपुर , सरायखाजा थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच को लगाया था। इन टीमों का नेतृत्व एसपी सिटी और सीओ सिटी कर रहे थे। शुक्रवार को पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए एसपी दिनेश पाल सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मुखबिर से सूचना पुलिस ने पचहटिया के पास चेकिंग शुरू कर दी। इसी बीच एक मोटर साइकिल पर दो लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया तो वे भागने लगे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके दोनो को पकड़ लिया। पकड़े गये एक युवक ने अपना नाम अरविंद कुमार यादव और अनुज कुमार यादव निवासी कदमरसूल थाना लाइनबाजार बताया। दोनों सगे भाई हैं। इनके कहने पर ही अनुज व अरविंद के भाई रजनीकांत उर्फ सिंटू और उनके पड़ोसी मोनू ने नवल किशोर की हत्या की थी। वे ही गोलियां चला रहे थे जबकि अरविंद और अनुज ने रेकी की थी। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि पहले उनका का ठेका बिजली विभाग में था लेकिन ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें ठेका नहीं मिला। नवल किशोर सिंह का बिजली विभाग के ठेके पर पूरा कब्जा हो गया था। ठेका न मिलने के कारण रजनीकांत की माली हालत खराब होने लगी, जिसके कारण जमैथा के राजेश सिंह हत्याकांड में जेल में बंद आरोपी अनंद यादव के मुकदमे की पैरवी ठीक तरीके से नहीं हो पा रही थी, जो मोनू का भाई है।