जौनपुर। सड़क पर वाहन खड़ा करने पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि आए दिन वाहन खड़ा होने की वजह से हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके सड़क पर वाहन खड़ा करने पर कोई मनाही परिवहन और पुलिस नहीं कर पा रही है। जौनपुर में हादसे में छ: लोगों की मौत भी यही वजह है।
चौराहे पर दो दिनों से जलालपुर से वाराणसी जाने वाली सिटी बस सड़क पर ही खड़ी थी। पुलिस और परिवहन विभाग भी इससे अनभिज्ञ नहीं था। बावजूद इसके बस को नहीं हटाया गया। जिसकी वजह से रविवार की सुबह सवा 8 बजे सामने से आ रहे वाहनों को देखकर बस के पीछे दो ट्रक चालक अपनी ट्रकें खड़ी कर लिए। उनके पीछे दो साइकल और तीन बाइक सवार भी आगे जाम समझकर रूक गए। लेकिन जैसे ही वह सड़क पर ट्रकों को क्रास कर आगे जाना चाहे सामने से अनियंत्रित ट्रेलर की चपेट में आकर छ: लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो जलालपुर, नेवादा निवासी अजय कुमार सिंह एक बाइक पर, दूसरे बाइक पर मुन्ना और प्रिंस निवासी सादीपुर सिरकोनी, रज्जी देवी निवासी चौबेपुर वाराणसी, उसकी नतनी तनु और मीना, तीसरी बाइक पर बृजेश सरोज, खुर्शीद और अनवर निवासी बीबनमऊ, जबकि साइकल से संतोष गुप्ता निवासी महिमापुर बाजार और सिरकोनी निवासी फुलचंद्र जैसे ही सड़क पर ट्रक के पीछे से सामने आए विपरित दिशा से आ रहे ट्रेलर चालक ने उन्हें रौंद दिया। मौके पर अफरा तरफरी मच गई। लोगों की माने तो ट्रेलर चालक थोड़ी दूर जाकर कूदकर भाग गया। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ट्रेलर इससे पहले बीबनामऊ में किसी धक्का मारा था। लेकिन वह घायल नहीं हुआ। इसकी चक्कर में वह अनियंत्रित होकर भाग रहा था। जिसकी चपेट में आने से छ: लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। सड़क पर खड़े ट्रक में कुछ महीने पहले कार घुस जाने से सिरकोनी के पास एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सिकरारा, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, सतहरिया, नईगंज, जफराबाद क्षेत्र में कई लोगों की मौत सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे टकरा जाने की वजह से हो चुकी है। एसपी दिनेश पाल सिंह का कहना है कि सभी एसओ को इस संबंध में पहले भी निर्देश दिए गए हैं कि वह सड़क पर रात में भारी वाहनों को खड़ा न होने दें।