जौनपुर। नशीली और अधोमानक वाली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंडल स्तर पर गठित टास्क फोर्स सोमवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में दवा की दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान अलग-अलग दुकानों से सात दवाओं के नमुने लिए गए और 1.21 लाख रूपए कीमत की दवाओं को सीज कर दिया गया। अचानक हुई इस छापेमारी से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। छापेमारी की भनक लगते ही कई दुकानों के शटर बंद हो गए।
शासन के निर्देश पर सहायक आयुक्त औषधि वाराणसी नरेंद्र कुमार स्वामी के नेतृत्व में जौनपुर के ड्रग इंस्पेक्टर उदयभान सिंह, वाराणसी के ड्रग इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार, सोनभद्र के संदीप कुमार गुप्ता, मिर्जापुर से मनोज कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट योगानंद पांडेय की टीम ने मछलीशहर पड़ाव स्थित मिलन ड्रग हाउस पर छापेमारी की। यहां से प्राक्सीवान प्लस कैप्सूल, नारफ्लाक्स टीजेड के नमून लिए। टास्क फोर्स ने नवाब युसूफ रोड स्थित चांद मेडिकल स्टोर, स्टार मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। चांद मेडिकल स्टोर से डाइक्लो प्लस टैबलेट, निम्प्रेक्स पी टैबलेट का नमूना लिया और दवाओं की खरीद के बिल की जांच की जिसमें खामियां पाई गई। स्टार मेडिकल स्टोर से भी दवाओं को सैंपल लिया गया। जहांगीराबाद स्थित सत्यम मेडिकल एजेंसी से ग्रामोजील टैबलेट का नमूना लिया। मंडल स्तर पर गठित टास्क फोर्स द्वारा जिले में थोक व फुटकर दवा विक्रेताओं के यहां की गई छापेमारी से हड़कंप मचा रहा। जिला औषधि निरीक्षक उदयभान सिंह ने कहा है कि दवा के कारोबारी दुकान बंदकर न भागें। बल्कि दवाओं का बिल दिखाकर इस अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।