जौनपुर। भारतीय स्टेट बैंक से फर्जी प्रपत्रों के जरिए भूमि का अधिक क्षेत्रफल दिखाकर 83 लाख का लोन लेने के मामले में अधिवक्ता समेत 33 आरोपियों के खिलाफ एसीजेएम चतुर्थ ने धोखाधड़ी, जालसाजी का वाद दर्ज किया है।
भारतीय स्टेट बैंक, शाखा रामपुर के प्रभारी शाखा प्रबंधक आदर्श शुक्ल ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि रामपुर थाना क्षेत्र निवासी रमेश समेत 32 लोगों ने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक में आवेदन दिया। खसरा खतौनी एवं स्थानीय अधिवक्ता द्वारा तैयार प्रपत्र प्रस्तुत किए। साथ ही हलफनामा भी दिया। अधिवक्ता की एनईसी, आरोपियों का हलफनामा व अन्य प्रपत्र पर विश्वास करके बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत कर दिया। ग्राहकों ने पैसे निकाल भी लिए। जांच के दौरान पता चला कि गलत प्रपत्र तैयार किए गए थे और भूमि का क्षेत्रफल कम था।