मीरगंज। मंगलवार को जंघई रेलवे स्टेशन पर बांद्रा गाजीपुर एक्सप्रेस की बोगी में घुसकर यात्रियों से हुई मारपीट की घटना ने स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। यात्रियों से हुई मारपीट की घटना में जीआरपी ने मामूली धारा में केस दर्ज किया है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल प्रशासन भले ही तमाम दावे कर रहा हो लेकिन मंगलवार को जंघई जैसे बड़े स्टेशन पर जिस तरह बेखौैफ मनबढ़ों ने बोगी में घुसकर यात्रियों से मारपीट की उससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे की कलई खुल गई। यह स्थिति तब है जब स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की पोस्ट है। मारपीट में छह से अधिक यात्री लहूलुहान हो गए, बोगी में यात्री सहम गए, यात्री चीख पुकार करते रहे, पथराव हुआ लेकिन जीआरपी या आरपीएफ को इसकी भनक तक नहीं लगी। जानकारी होने तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। देर से पहुंचे जीआरपी के सामने यात्री चीख चीख कर कह रहे थे कि हमलावरों की संख्या 10 से 12 के बीच थी लेकिन जीआरपी ने सिर्फ चार अज्ञात के खिलाफ मामूली धारा में केस दर्ज किया है। जंघई रेलवे स्टेशन एक बडा स्टेशन है। यहां से लोग चारों दिशाओं में जाने के लिए ट्रेन की अदला-बदली करते हैं। यहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी चौकी व आरपीएफ पोस्ट स्थापित की गई है। इसके बाद भी मंगलवार को बांद्रा गाजीपुर एक्सप्रेस मे ट्रेन मे मनबढ़ों ने स्लीपर कोच में घुसकर यात्रियों से मारपीट की। ट्रेन की बोगी मे पथराव कर खिड़की का शीशा भी तोड़ दिया था लेकिन जीआरपी ने चार अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया। जीआरपी प्रभारी का कहना है कि स्टेशन पर बुधवार को जो भी हुआ वह मामूली घटना थी। ऐसा होता रहता है। ऐसी घटनाओं को इतना तूल देना ठीक नहीं है।