जौनपुर। सरपतहा थाना क्षेत्र के खरताबपुर गांव में सोमवार को पारिवारिक कलह से ऊबकर महिला ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। जबकि मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव में एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सरपतहां थाना क्षेत्र के खरताबपुर निवासी मो. इश्तियाक की पत्नी नाजरीन (40) चार बच्चों की मां थी। पारिवारिक कलह से ऊबकर उसने सोमवार को सुबह घर से करीब सौ मीटर दूर खेत में जाकर शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया और खुद को आग लगा ली। महिला जलने लगी तो उसकी चीख सुनकर परिवार व आसपास के लोग पहुंच गए। किसी तरह आग बुझाकर लोग अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उसकी मौत हो गई। महिला के पति इश्तियाक की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सतहरिया प्रतिनिधि के अनुसार मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव निवासी विजय यादव की पत्नी मनीषा देवी (36) ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विजय रोजी रोटी के सिलसिले में गुजरात के सूरत शहर में रहता है। घर पर उसकी पत्नी मनीषा अपनी सास गीता देवी और ससुर राम अजोर के साथ रहती थी। सोमवार को सुबह वह देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकली तो मनीषा की सास गीता देवी उसे जगाने के लिए गई तो कमरे में दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक अंदर से कोई हरकत नहीं हुई तो आसपास के लोग भी जुट गए। खिड़की से देखा गया तो रोशनदान के सहारे साड़ी के फंदे पर उसकी लाश लटक रही थी। घटना से घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर लाश को नीचे उतारा उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मनीषा तीन बच्चों की मां थी। उसका बड़ा बेटा आशीष (13), लवकुश (6) और बेटी काजल (10) वर्ष की है। घटना की वजह पारिवारिक कलह बताया गया।