बक्शा। लखौवा बाजार में रविवार को दोपहर हुई प्यारेलाल की हत्या के मामले में पुलिस तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक की बेटी प्रतिमा की तहरीर पर कार्रवाई की है। बेटी का आरोप है कि आरोपियों ने पिता को कई बार जान से मारने की धमकी दी थी लेकिन उनकी धमकी को उन्होंने कभी गंभीरता से नहीं लिया। उधर प्यारेलाल का शव का पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की शाम परिवार सौंप दिया गया और रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
लखौवा गांव निवासी प्रापर्टी डीलर प्यारेलाल यादव की रविवार को दोपहर लखौवा बाजार में दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की बेटी प्रतिमा की तहरीर पर पुलिस ने लखौवा गांव निवासी काशीनाथ सिंह के दो पुत्रों अभिषेक सिंह गब्बर, श्रवण कुमार सिंह और पौत्र आनंद कुमार सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। अभिषेक के खिलाफ बक्शा थाने में पहले से भी हत्या, लूट और मारपीट के केस दर्ज हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी लेकिन सभी घर से फरार हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लखौवा गांव निवासी एक गरीब परिवार की जमीन पर काशीनाथ सिंह ने जबरन कब्जा कर रखा है। काफी प्रयास के बाद भी गरीब परिवार को कब्जा नहीं मिला तो उसने आजिज आकर इसी गांव के जनार्दन शर्मा और प्यारेलाल के नाम जमीन को रजिस्ट्री कर दिया था। इसी विवाद को लेकर वर्ष 2008 में जनार्दन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इधर बीच लखौवा गांव चकबंदी प्रक्रिया में आया तो काश्तकारों को फार्म पांच का वितरण किया जा रहा। फार्म संख्या पांच में काशीनाथ के कब्जे वाली जमीन पर प्यारेलाल का नाम दर्ज होकर आ गया। इसी से खुन्नस खाए आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने टीम गठित कर दी है। पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। एसपी केके चौधरी का कहना है कि हत्या आरोपी शीघ्र ही जेल की सीखचों में होंगे।