जौनपुर। पंवारा थाना क्षेत्र के वीरबलपुर में प्रताड़ना से क्षुब्ध विवाहिता ने दो बच्चों को जहर देने के बाद खुद आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम बलराज सिंह ने आरोपी सास को आत्महत्या के उकसाने का दोषी पाते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ससुर व देवर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने आदेश में लिखा कि मातृत्व प्रकृति के अनुसार कोई भी स्त्री अपनी जान देकर भी बच्चों की रक्षा करना चाहती है लेकिन ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हो गई कि विवाहिता के पास आत्महत्या के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बचा। मछलीशहर के मिर्जापुर निवासी राजेश पटेल ने पंवारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई कि उसने अपनी बहन अनीता की शादी अशोक पटेल से 2006 में की थी। वह सूरत में नौकरी करता था। अनीता को उसके ससुर राजाराम, सास धर्मा देवी व देवर दिनेश प्रताड़ित करते थे। पति सूरत ले जाना चाहता था लेकिन ससुराल वाले नहीं जाने दिया। सास कहती थी कि अनीता मर जाती तो बेटे की दूसरी शादी कर देती। 29 अगस्त 2013 को सास ने उससे झगड़ा किया। क्रूरता से तंग आकर उसी रात उसने जहर खा लिया व बच्चों अमन (5 वर्ष) का मनीष (डेढ़ वर्ष) को भी जहर दे दिया। तीनों को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई। विसरा जांच के लिए भेजा गया जिसमें एल्मुनियम फास्फाइड विष की पुष्टि हुई। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया। शासकीय अधिवक्ता एसएमयूके हसन सिद्दीकी ने गवाहों को परीक्षित कराया। मृतका के जहर खाने का स्पष्टीकरण आरोपी नहीं दे सकी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई।