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पूर्व मंत्री ललई को नहीं मिली राहत

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जौनपुर। खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए उपद्रव मामले में पूर्व मंत्री ललई यादव के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट व कुर्की का आदेश जारी रहेगा। एसीजेएम चतुर्थ श्वेता श्रीवास्तव की कोर्ट में पूर्व मंत्री के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रार्थना पत्र दे कर कहा कि 15 दिसंबर तक ललई के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट व कुर्की की नोटिस का आदेश स्थगित कर दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में आदेशिका स्थगित करने का जिक्र नहीं है। स्पष्ट है कि विधायक के खिलाफ जारी वारंट व कुर्की की नोटिस का आदेश प्रभावी रहेगा और विधायक को जमानत के संदर्भ में कोर्ट में समर्पण करना पड़ेगा।
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थानाध्यक्ष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी निरस्त कराने के लिए विधायक हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने उनके 30 दिन के भीतर कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत प्रार्थना पत्र देने पर उसके त्वरित निस्तारण संबंधी आदेश दिया था। 6 नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बवाल हुआ था। इस मामले में थानाध्यक्ष ने 11 नामजद व 150 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 8 आरोपियों की जमानत पहले ही निरस्त हो चुकी है। तीन नामजद आरोपी धनंजय, ललई व प्रिंसू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके आवास पर छापा मारी कर रही है लेकिन अभी तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सके। विवेचक के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी व तत्पश्चात कुर्की की नोटिस का आदेश जारी किया।
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