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पूर्व मंत्री ललई और एमएलसी बृजेश ने दी तहरीर

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जौनपुर। खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए बवाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां एसओ खुटहन, सांसद प्रतापगढ़ हरिवंश सिंह, महिला दरोगा और बीडीसी सदस्य ने पूर्व मंत्री एवं शाहगंज विधायक शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू आदि के खिलाफ केस दर्ज कराया है वहीं पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने एसपी और खुटहन पुलिस को तहरीर देकर प्रतापगढ़ के सांसद के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
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विधायक शैलेंद्र यादव ललई का आरोप है कि अविश्वास प्रस्ताव नोटिस के क्रम में छह नवंबर को साढ़े 10 बजे वह गए और बैरिकेडिंग से काफी दूर अपने समर्थकों के साथ बैठे थे। उसी दौरान सांसद प्रतापगढ़ हरिवंश सिंह, पूर्व प्रमुख रमेश सिंह, राणा सिंह, सूबेदार सिंह, अवनीश कुमार सिंह सहित बीस अज्ञात लोग असलहे से लैस होकर आए और बीडीसी सदस्यों को डराने धमकाने लगे। मौजूद डीएम और एसपी से मैंने शिकायत की थी जिस पर सांसद हरिवंश सिंह एतराज करने लगे और कहा कि प्रमुख का पद सत्ताधारी दल का होता है व्यर्थ का प्रयास मत करिए। इसकी फुटेज भी मेरे पास मौजूद है। विरोध करने पर नाराज हो गए। उनके इशारे पर डीएम ने गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया। तनावपूर्ण माहौल देखकर वह जाने लगे। कुछ दूर गए तो हरिवंश सिंह, रमेश सिंह और उनके समर्थक पिस्टल और बंदूकों से फायरिंग करने लगे। उनका एक समर्थक लहूलुहान होकर गिर पड़ा। किसी तरह भागकर जान बचाए। उधर, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने अपने ऊपर प्राणघातक हमला करने का आरोप सांसद पर लगाया है। उन्होंने कहा है कि एक संवैधानिक पद पर होने के कारण मेरा कर्तव्य और दायित्व बनता है कि मैं अविश्वास प्रस्ताव के समय जाऊं। वह खुटहन इसी वजह से गए जहां वह कई ग्राम प्रधान और बीडीसी के साथ बैठे थे। उसी दौरान प्रतापगढ़ सांसद हरिवंश सिंह उनके पुत्र रमेश सिंह, अजीत सिंह, राणा सिंह, सूबेदार सिंह सहित तीस पैंतीस लोगों को अपनी तरफ आते देखा। उनमें पंद्रह बीस लोगों के हाथों में असलहे थे। मेरे पास पहुंचते हुए हरिवंश सिंह गालियां देने लगे। उनके ललकारने पर रमेश सिंह ने मेरे ऊपर 12 बोर की बंदूक से फायर कर दिया। मुझे एक बीडीसी ने झटके से हटाकर बचाया। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो रमेश सिंह के साथ छह सात लोग बंदूक लेकर फायरिंग करने लगे। थोड़ी देर बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुझसे पहले इन लोगों ने शैलेंद्र यादव ललई पर भी हमला किया है। पूर्व सांसद के साथ हमने डीएम एसपी से लिखित और मौखिक शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में तहरीर एसपी और एसओ खुटहन को दी गई।
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