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सिकंदराराऊ में फिर पकड़ी अवैध हथियारों की फैक्ट्री

Sat, 11 Nov 2017 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
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बरामद हुए हथियार बनाने के उपकरण। - फोटो : amar ujala
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निकाय चुनाव से पहले फिर सिकंदराराऊ पुलिस ने पुरदिलनगर की पूर्वी खेड़िया क्रॉसिंग के पास गुरुवार शाम अवैध हथियार बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी। पुलिस ने मौके से पिता-पुत्र को गिरफ्तार करते हुए अवैध हथियारों का जखीरा और काफी सामान बरामद किया है।
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बरामद हथियारों में तमंचों समेत राइफल, रिवॉल्वर और मैगजीन लगी पिस्टल भी हैं, जो इसी कारखाने में मशीनों की मदद से तैयार कराई जा रही थीं। पुलिस दोनों आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गई है। आठ दिनों के भीतर सिकंदराराऊ में यह दूसरी अवैध असलहों की फैक्ट्री पकड़ी गई है।

एसपी घुले सुशील ने शुक्रवार को पत्रकाराें को बताया कि पुरदिलनगर की पूर्वी खेड़िया क्रॉसिंग के पास अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री की सूचना सीओ आशीष प्रताप सिंह और सिकंदराराऊ कोतवाली निरीक्षक मनोज शर्मा को मिली थी। गुरुवार शाम एक टीम बनाकर उक्त फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके से पकड़े गए आरोपी पिता-पुत्र हैं।
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आरोपियों ने अपने नाम साहब सिंह पुत्र गुरुदत्त निवासी नई बस्ती, सिकंदराराऊ व जय सिंह पुत्र साहब सिंह बताए हैं। फैक्ट्री से एक मिले हथियारों में एक देशी रायफल, एक रिवाल्वर, एक पिस्टल मय मैगजीन, चार तमंचे, दो तमंचे अधबने, कारतूस शामिल हैं। मौके से तीन नाल, तमंचे की दो बॉडी, लकड़ी की चाप, प्लास, हथौड़ा आदि हथियार बनाने का सामान भी बरामद किया गया है।

एसपी घुले सुशील ने पत्रकारों को बताया कि बरामद देशी हथियारों को देखकर यह नहीं जाना जा सकता कि वह चोरी-छिपे चल रहे एक कारखाने में तैयार किए गए हैं। इन हथियारों की फिनिशिंग बेहद शानदार है, इन्हें खराद मशीनाें की सहायता से तैयार किया जा रहा था। एसपी ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। इसके बाद इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और इनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। 

पूर्वी यूपी से भिंड के बीहड़ों तक फैला है नेटवर्क
हाथरस। अवैध हथियार बनाने के आरोप में पकड़े गए सिकंदराराऊ की नई बस्ती निवासी साहब सिंह का पूरा परिवार अवैध हथियारों के गोरखधंधे में लिप्त है। अवैध हथियारों के गोरखधंधे का यह नेटवर्क यूपी के पूर्वी यूपी के सीतापुर से लेकर एमपी के बीहड़ भिंड-मुरैना तक फैला हुआ है।
एसपी घुले सुशील ने बताया कि दोनों आरोपी साहब सिंह और उसका बेटा जय सिंह अवैध हथियार बनाने के अलावा इनकी ट्रेडिंग किया करते थे। अवैध हथियारों को कम कीमत पर खरीदकर दो गुने दाम में बेचा करते थे। साहब सिंह और उसके भाई मंगल सिंह का अवैध हथियार बेचने का नेटवर्क सीतापुर, शहाजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली व मध्यप्रदेश के मुरैना, भिंड आदि जिलों में फैला हुआ है। इस नेटवर्क की जानकारी होने पर बीते दिनों दो अगस्त को बरेली एसटीएफ ने सिकंदराराऊ पुलिस के साथ एक मुठभेड़ को अंजाम देते हुए सिकंदराराऊ से सीतापुर निवासी जहीर खां व मुल्लू मौर्य को पकड़ा था। दोनाें के पास से 92 तमंचे बरामद किए गए थे। तब आरोपी साहब सिंह पुलिस को चकमा देकर मौके से भाग गया था। जहीर खां ने पुलिस को साहब सिंह के बारे में बताया था और कहा था कि वह असलहे साहब सिंह से ले जाकर कमीशन पर बेचता है। एसपी ने बताया कि साहब सिंह का पूरा परिवार यही काम करता है। साथ पकड़े गए बेटे जय सिंह के अलावा साहब सिंह के भाई मंगल सिंह को भी 19 मई को थाना राया में 15 तमंचों के साथ पकड़ा गया था। जेल से छूटने के बाद मंगल सिंह को मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा था। मंगल सिंह इस समय मुरैना जेल में बंद हैं।
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