जौनपुर। सिकरारा थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा एक किशोर के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसकी पिटाई करने के मामले में एडीजे प्रथम एमपी सिंह ने सिकरारा थानाध्यक्ष विश्वनाथ यादव, एसआई संतराम यादव, सिपाही गणेश सिंह एवं महेंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश सिकरारा पुलिस को दिया है।
बथुआ गांव निवासी एक महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि दस जुलाई 2017 को सिकरारा एसओ विश्वनाथ यादव एवं एसआई संतराम यादव ने उसके पुत्र को पकड़ कर थाने में बंद कर दिया और उसे बेरहमी से मारा-पीटा। यह भी कहा कि पूर्व में उसने पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर दरोगा संतराम यादव द्वारा पट्टीदारों की मदद करने की शिकायत की थी। इससे दरोगा खफा था। उन्होंने मेरे किशोरवय पुत्र को मारापीटा और सिपाहियों की मदद से उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाल दिया। विरोध करने पर उसे भी अपमानित किया। दूसरे दिन उसके पुत्र को सिफारिश पर छोड़ा गया और सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया गया। प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए न्यायाधीश एमपी सिंह ने संज्ञेय अपराध पाते हुए एसओ समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।