थानागद्दी/केराकत (जौनपुर)। किसी बात से क्षुब्ध महिला ने सात माह के दुधमुंहे बेटे के साथ आग लगाकर जान दे दी। महिला का मकसद बेटा, बेटी के साथ जान देने का था लेकिन माचिस जलाने के पहले ही बेटी मां का हाथ छुड़ा कर भाग गई जिससे उसकी जान बच गई। मां-बेटे की मौत की यह घटना केराकत कोतवाली क्षेत्र के सोहनी गांव में शुक्रवार की सुबह हुई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना का कारण नहीं पता चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश के रीवा जिले के गौरा गांव की रेखा की शादी मई 2009 में केराकत के सोहनी गांव के रहने वाले कमलेश से हुई थी। कमलेश राम की पत्नी रेखा शुक्रवार की सुबह घर में अपने बच्चों के साथ मौजूद थी। कमलेश की मां कलावती देवी अपनी बेटी के साथ धान की रोपाई करने गई थी और कमलेश बच्चों के लिए बिस्कुट लेने दूकान पर गया था। घर में रेखा सात माह के बेटे अमित और छह साल की बेटी आंचल के साथ मौजूद थी। किसी बात से क्षुब्ध रेखा ने एक कमरे में पलंग पर अपने सारे कपड़े, बिस्तर रखा और बेटी आंचल, बेटा अमित के साथ उसपर बैठ गई। उसने गैलन उठाकर मिट्टी के तेल खुद और बच्चों के ऊपर उड़ेल लिया। वह आग लगाने के लिए माचिस की तीली जलाने जा रही थी कि बेटी आंचल मां से हाथ छुड़ाकर रोते हुए घर के बाहर निकल गई। इसके बाद रेखा ने आग लगा ली। उसकी चीख सुनकर आस पास के लोग दौड़कर पहुंचे तो देखा वह आग का गोला बन चुकी थी। लोगों ने किसी तरह आग बुझाई लेकिन रेखा की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उसके झुलसे दुधमुंहे सात माह के बेटे अमित की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। कमलेश की तहरीर पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमलेश गुजरात के सूरत में कमाता है। दो महीने पहले वह घर आया था। पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय ने बताया कि यह पता नहीं चल सका है कि रेखा ने ऐसा कदम क्यों उठाया। घटना का कारण नहीं पता चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। (ब्यूरो)