जौनपुर। एक साल के भीतर पुलिस महकमे में संसाधन तो बढ़े पर अपराधों पर अंकुश नहीं लग सका । चौराहे तिराहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया कई थानों में भी सीसीटीवी कैमरे लगे। जेल में जैमर लगाया गया बावजूद इसके लूट और हत्या जैसी वारदात से पुलिस जूझती रही। वर्ष में शायद ही कोई ऐसा महीना रहा हो जिसमें हत्या, लूट, दुष्कर्म जैसी वारदात न हुई है। सड़क हादसों की बात करें तो हर दिन किसी न किसी न किसी को सड़क हादसे में जान गवानी पड़ी है। जलालपुर और केराकत के सड़क हादसों को याद कर आज भी लोग सिहर जाते हैं। दोनों घटनाओं में छह छह लोगों की मौत हुई थी।
पुलिस महकमें में इस साल डायल 100 की 25 बाइक जिले को मिली है। इसके अलावा 200 इंसास राइफलें भी पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि रही है। लेकिन पुलिस अपराधिक वारदातों को रोक पाने में नाकाम रही है। छह नवंबर को मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। सरपतहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 20 अक्तूबर को की शाम दादी के साथ शौच के लिए गई किशोरी का अपहरण कर पांच किलोमीट दूर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस पुलिस सामूहिक दुष्कर्म से पहले इनकार करती रही बाद में खुलासा कर चार लोगों को जेल भेजा। 22 जून को जलालपुर में बेकाबू ट्रक से कुचलकर छह लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने भी लोगों को झकझोर कर रख दिया था। 50 लाख की आबादी की सुरक्षा के लिए जिले में एक महिला थाना समेत 28 थाने हैं और इन थानों में ढाई हजार सिपाही तैनात हैं।
डायल 100 पर आई 1.75 लाख सूचनाएं
जौनपुर। जिले में डायल 100 की कुल 55 चार पहिया वाहन और 25 दो पहिया वाहन हैं। शहरी इलाके में किसी भी वारदात की सूचना पर अधिकतम 15 मिनट और ग्रामीण इलाकों में अधिकतम 20 मिनट में पुलिस पहुंच जाती है। इस साल एक जनवरी से 20 दिसंबर तक डायल 100 पर कुल 1.75 लाख शिकायतें मिल चुकी हैं।
पुलिस को मिली 200 इंसास राइफलें
जौनपुर। अपराधियों से मुकाबले के लिए जिले की पुलिस को आधुनिक असलहों से लैस किया गया है। पुलिस को माडर्न बनाने के क्रम में ही जिले में 200 इंसास राइफलें इस साल मिली हैं। जिसे थानों में भेज दिया गाय। हालांकि अभी तक जिले के सभी सिपाहियों के हाथ में असलहे नहीं हैं। जिले की पुलिस के पास मौजूद असलहों पर नजर दौड़ाएं तो मौजूदा समय में 700 थ्री नाट थ्री राइफ, 62 एसएलआर, 92 कार्बाइन, 69 रिवाल्वर, 363 पिस्टल, 85 पंप एक्शन गन और 18 एके 47 राइफल है। इसके अलवा 110 गैस गन व 70 एमपी राइट गन हैं जो आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां दागने के काम में आती हैं। अब पुलिस के पास असलहों की इस जखीरे में 200 इंसास राइफलें भी शामिल हो चुकी हैं। इंसास राइफल के आने से एक तो पुलिस को असलहों के भारी वजन ढोने से छुटकारा मिला है दूसरे बदमाशों से मुकाबलें के लिए यह राइफल अधिक कारगर होगी।
एक साल में बदलो दो एसपी
जौनपुर। एक साल में जिले में दो पुलिस अधीक्षक आए। अक्तूबर 2017 को जिले में आए पुलिस अधीक्षक केके चौधरी का तबादला 16 मार्च 2018 को हो गया था। उनके बाद दिनेशपाल सिंह ने एसपी का कार्यभार संभाला जो अभी तक जिले में सेवा दे रहे हैं।
जनता में विश्वास पैदा नहीं कर सकी पुलिस
जौनपुर। पुुलिस को मजबूत बनाने के लिए संसाधन तो बढ़े पर पुुलिस अभी भी जनता में विश्वास पैदा नहीं कर सकी। इसका ताजा और ज्वलंत उदाहरण सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कुत्तूपुर गांव में दलित महिलाओं की बेरहमी से की गई पिटाई है। करंजाकला के ब्लाक प्रमुख दीपचंद्र सोनकर ने जमीन कब्जा करने का विरोध करने वाली महिलाओं को 14 दिसंबर को पीटा गया। महिलाएं थाने से लेकर एसपी तक न्याय के लिए दौड़ती रही लेकिन कार्रवाई एक सप्ताह बाद तब हुई जब घटना की वीडियो वायरल हुआ।