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पटाखों का सजा बाजार, नहीं आ रहे खरीददार

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- बीआरपी कालेज मैदान में पटाखे की खरीदारी करते लोग। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। दीपावली के मौके पर पटाखों के बाजार तो सज गए हैं लेकिन इस साल पटाखों का कारोबार मंदा है। दुकानों से ग्राहंकों की भीड़ नदारद है। जिससे पटाखा के कारोबारी मायूस हैं। कारोबारी और खरीदार जहां इसकी वजह महंगाई को मान रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि पटाखों से प्रदूषण होता है। लोगों में जागरूकता बढ़ी है जिससे लोग अब अधिक पटाखे नहीं खरीद रहे हैं।
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हर साल की तरह इस साल भी शहर में घनी आबादी से दूर पटाखा की दूकाने लगी है। शहर के उत्तरी इलाके में राज कालेज के खेल मैदान और दक्षिणी इलाके में बीआरपी इंटर कालेज के मैदान में दुकानें लगी हैं। इन दोनों मैदानों में 60 दुकानें लगी हैं। पटाखा कारोबारियों की माने तो लोग दूकानों पर आ तो रहे हैं ले किन खरीददारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं कर रहे हैं। पिछले साल में जहां लोग हजार दो हजार तक के पटाखे खरीद रहे थे वहीं इस साल चार पांच सौ रुपये तक की ही खरीदारी कर रहे हैं। हालात यही रहे तो इस साल पटाखों की लागत भी निकलनी मुश्किल हो जाएगी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से आबादी से दूर पटाखा की दुकानें खोलने का इंतजाम किया है। बीआरपी इंटर कालेज में पटाखे की दूकान लगाने वाले कारोबारी समरनाथ का कहना है कि पिछले साल की तुलना में दूकान पर कम खरीददार आ रहे हैं। जो आ भी रहे हैं वे अपेक्षा के अनुरूप खरीददारी भी नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह एक तो महंगाई है दूसरे रोक के बाद भी शहर में कई लोग दूकाने खोलकर बैठे हैं। दूसरे दुकानदार शाहिद अली ने बताया कि पटाखों के दाम में इस साल 40 से 50 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इसके कारण भी खरीददार नहीं आ रहे हैं। पिछले साल मुर्गा छाप पटाखा 50 रुपये में आता था इस साल 80 में मिल रहा है। जो फुलझड़ी 180 रुपये पैकेट आती थी वह 350 रुपये में है। अनार 10 रुपये में था इस साल 15 से 20 रुपये में मिल रहा है। पटाखा बाजार में खरीददारी के लिए आए लाइनबाजार के अभिषेक रावत कहते हैं कि पिछले साल एक हजार के पटाखे में भरपूर पटाखा मिल जाता था। इस साल भी एक हजार का पटाखा खरीदा है लेकिन पैकेट में पता ही नहीं चल रहा। खरका कालोनी निवासी संजू सिंह का कहना है कि पटाखे महंगे होने की वजह से इस साल कम पटाखों से ही काम चलाना पड़ रहा है। नईगंज निवासी कमलेश कुमार का कहना है कि पटाखों से प्रदूषण फैलता है और इसे लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है। इस नाते भी बाजार में पटाखा के खरीदारों में कमी आई है।
इस साल बाजार में आए हैं नए पटाखे
जौनपुर। इस साल दीपावली के मौके पर बाजार में कई नए पटाखे आए हैं। पटाखा व्यवसायी शहंशाह का कहना है कि इस साल बाजार में हैंड ग्रेनेड, सैंडविच बिजली, चाइना चटाई, काकटेल राकेट, बटरफ्लाई आदि नए पटाखे आए हैं।
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पटाखा बाजार में सुरक्षा के इंतजाम
जौनपुर। शहर के बीआरपी इंटर कालेज के मैदान और राज कालेज के खेल मैदान में सजे पटाखा बाजार में सुरक्षा के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। सभी दूकानों पर सीज फायर, बालू, पानी की व्यवस्था की गई है। नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्रनाथ मिश्र का कहना है कि सुरक्षा के मानक पूरा करने वालों को ही पटाखा बेचने के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। शहर को दोनों छोर पर अलग अलग मैदान में लगी दूकानों की जांच कर ली गई है। यहां अग्निशमन की गाडिय़ों को भी खड़ा कर दिया गया है। बाजारों में भीड़ वाले इलाकों में पटाखा बिक्री पर रोक लगाई गई है।
पुलिस ने बंद कराई पटाखों की दुकान
मछलीशहर। पाबंदी के बाद भी मछलीशहर कस्बे के भीड़ भाड़ वाले इलाके में कुछ कारोबारियों ने पटाखे की दूकाने खोल रखी थी। शिकायत मिलने पर पहुंची पुलिस ने दुकानों को बंद करा दिया। सब इंस्पेक्टर रोहित मिश्रा ने दूकानों को बंद कराते हुए कहा कि पटाखा की दूकान लगाने के लिए फौजदार इंटर कालेज का मैदान का चयन किया गया है। वहीं कई लोगों ने अपनी दूकाने लगाई भी हैं। उस मैदान के अलावा कस्बे में कहीं भी अगर किसी ने पटाखा की दूकान खोला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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