जौनपुर। परिषदीय स्कूलों मे 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए बुधवार को डायट परिसर में शुरू हुई काउंसिलिंग हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद बीच में ही रोक दी गई। दोपहर तीन बजे जब यहां काउंसिलिंग बंद की गई तो उस वक्त करीब 70 फीसदी महिला और विकलांग अभ्यर्थी काउंसिंलग करा चुके थे। उमस भरी गर्मी में घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे तमाम अभ्यर्थियों को मायूस लौटना पड़ा। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने ऐसे अभ्यर्थियों को दिलासा देते हुए कहा कि आगे जैसे ही ऊपर से कोई आदेश आएगा तो उन्हें फिर काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा।
काउंसिलिंग के लिए बुधवार को पहले दिन महिला, विकलांग और विशेष आरक्षण वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। सुबह से ही यहां डायट परिसर में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। महिला और विकलांग अभ्यर्थियों के साथ उनके अभिभावक भी आए थे जिससे डायट परिसर सुबह नौ बजे ही भीड़ से पट गया। इस भीड़ में जिले के अलावा आजमगढ़, अंबेडकरनगर, गाजीपुर, वाराणसी, भदोही और सुल्तानपुर समेत अन्य जिलों से भी लोग काउंसिलिंग कराने के लिए पहुंचे थे।
काउंसिंलग के लिए यहां कुल 12 काउंटर बनाए गए थे। जिसमें से दस काउंटर पर काउंसिलिंग शुरू की गई जबकि काउंटर संख्या 11 और 12 को कंट्रोल रूम बनाया गया था। जहां अभ्यर्थी अपनी किसी प्रकार की समस्या का समाधान कर सकते थे। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि प्रत्येक काउंटर पर 70-70 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होनी थी सभी काउंटर पर तीन बजे तक 496 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हो चुकी थी। तभी शासन से आदेश आने के बाद काउंसिलिंग रोक दी गई।
कोतवाली से सब्जीमंडी तक लग जाम
जौनपुर। शिक्षक भर्ती के लिए काउंसिलिंग के लिए आई अभ्यर्थियों की भीड़ के चलते शहर में जाम लग गया। बीएसए कार्यालय के मुख्य गेट से लेकर कोतवाली चौराहा, नगरपालिका, सब्जीमंडी, अटाला मस्जिद, अलफस्टीनंज होते हुए डायट कार्यालय के मुख्य गेट के सामने सड़क की दोनों पटरियों पर वाहन खड़े हो गए। जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी हुई। जाम को देखते हुए अटाला मस्जिद से कोतवाली रोड को वनवे कर दिया गया था।
पानी पीने का भी नहीं रहा इंतजाम
जौनपुर। डायट परिसर में काउंसिलिंग के लिए आए अभ्यर्थियों के लिए परिसर में पानी पीने का भी कोई इंतजाम नहीं था। धूप में ही खड़े होकर महिला और विकलांग अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए लाइन में लगना पड़ा। कई महिला अभ्यर्थी दुधमुहे बच्चों के साथ काउंसिलिंग के लिए पहुंची थी। आजमगढ़ से आई सुषमा सिंह ने बताया कि वह सुबह साढ़े नौ बजे ही यहां पहुंच गई थी। यहां लंबी लाइन लगी थी। प्यास लगने पर बाहर बाजरा में जाना पड़ा।
बैंकों ने भी लगाए काउंटर
जौनपुर। शिक्षक भर्ती के लिए काउंसिलिंग स्थल पर कई निजी बैंकों ने भी काउंटर खोल रखा था। वे यहां काउंसिलिंग में शामिल अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने की बधाई देने के साथ बैंक में शून्य बैलेंस पर खाता खोलने के प्लान समझा रहे थे। नोटरी के कई अधिवक्ताओं ने शपथपत्र बनाने के लिए अस्थाई स्टाल लगाया था।