31- सिकरारा क्षेत्र के भरतपुर गांव में कोरोना जांच करवाने के लिए ग्रामीणों को समझाते स्वास्थ्य कर?
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सिकरारा। भरतपुर गांव में शनिवार को एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिवार के सदस्यों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम को घरवालों ने लौटा दिया। प्रशासनिक व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए परिवार ने जांच कराने से इंकार कर दिया। स्वास्थ्य टीम ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों का दी है। भरतपुर गांव निवासी एक युवक की मौत पिछले दिनों प्रयागराज के स्वरुपरानी अस्पताल में हुई थी। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को जांच करने पहुंची। मृत युवक के पिता का कहना है कि उसका बेटा टीबी का मरीज था। पिछले छह माह से उसका उपचार चल रहा था। वह घर में ही रह रहा था। पिछले मंगलवार को वह रूटीन चेकअप के लिए नर्सिंग होम गया तो उसे स्वरुपरानी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां कोरोना बताते हुए भर्ती किया गया और अगले ही दिन मौत की जानकारी दी गई। उसे बेटे का चेहरा भी नहीं देखने दिया गया। उसे खाता नंबर भेजकर दाह संस्कार करने के एवज में 4700 रुपये मांगे जा रहे हैं। ऐसे में बेटे की मौत पर संदेह है। उनका कहना है कि पूरा परिवार किसी भी जाँच को तैयार है, लेकिन उसके बेटे की संदिग्ध मौत पर जिला प्रशासन कार्रवाई करे। वहीं एंटीजन जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग के टीम प्रभारी डा. प्रमोद कुमार ने बताया कि सिकरारा बाजार कोरोना की ज्यादा केसेज मिलने के बाद रूटीन जाँच के लिए गाँव मे पहुंचे थे। इस परिवार के एक युवक का नाम भी सूची में है। परिजन चाहते हैं कि जिला प्रशासन उनकी बात पर ध्यान दे। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना मुख्यालय पर दी जाएगी।