जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने रामपुर थाना क्षेत्र एक गांव निवासी निवासी रविंद्र पाल को नाबालिग लड़की से दुराचार का दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास और 27 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। पीड़िता के पिता ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनकी 15 वर्षीय पुत्री कक्षा दस में पढ़ती थी। आरोपी रविंद्र पाल उसका पीछा करता था। 28 मई 2022 को रविंद्र पाल ने बहला-फुसलाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी करीब आठ-नौ माह से धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। 7 मार्च 2023 को पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया। जब पीड़िता के घर वाले रविंद्र पाल के घर बात करने गए तो आरोपी और उसके परिवार वालों ने उन्हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में केस डायरी दाखिल की थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रविंद्र पाल को दोषी पाया और सजा सुनाई।संवाद