बांकी गांव में प्रस्तावित पीएचसी का निर्माण छह साल से अधर में लटका है। हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधान की जनहित याचिका पर पीएचसी का शीघ्र निर्माण पूरा कराने का निर्देश दिया था। छह साल के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ।
शासन ने 2009 में 71 लाख रुपये की लागत से बांकी गांव में एक पीएचसी के निर्माण को स्वीकृति दी थी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम वाराणसी, इकाई-2 ने धन आहरित कर काम भी शुरू कर दिया। छह महीने बाद काम रुक गया। इसके बाद परियोजना का संशोधित बजट बढ़ाकर 92 लाख किया गया। इसके बाद भी कार्य आगे नहीं बढ़ा, धन भी निकाल लिया गया। उपेक्षा को देखते हुए पूर्व प्रधान त्रिभुवन सिंह ने प्रदेश सरकार को पार्टी बनाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।
गत पांच दिसंबर को कोर्ट ने आदेश दिया कि जौनपुर के डीएम कार्यदायी संस्था के साथ मीटिंग कर पीएचसी निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराएं। इसके बाद 22 दिसंबर को तत्कालीन डीएम सुहास एलवाई ने प्रोजेक्ट मैनेजर एसके सिंह, सीएमओ और एडीएम के साथ बैठक कर जनवरी 2015 तक अधूरे पड़े निर्माण को पूरा का निर्देश दिया। समय बीत गया लेकिन कार्य अभी अधूरा है।