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दुर्दशा ग्रस्त सड़कों पर नंगे पांव चलने को विवश कांवरिया

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07- जलालपुर में टूटी सड़क पर जमा पानी के बीच जल चढ़ाने जाते कांवरिया। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। सावन के दूसरे सोमवार और तेरस पर अवढरदानी का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों का जत्था उमड़ने लगा है लेकिन उनको कीचड़ और कंकड़ भरे राह पर चलना पड़ रहाहै। नेशनल हाईवे और जिले की अन्य सड़कों की सावन से पहले मरम्मत नहीं कराई गई। जलालपुर विकासखंड के त्रिलोचन महादेव, सुजानगंज के गौरी शंकर धाम और बक्शा के साईं नाथ शिव मंदिर में कांवरियों की टोली पहुंच रही है लेकिन कहीं जाने का रास्ता ठीक नहीं है।
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वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। इसके चलते सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे कांवरियों को आवागमन में असुविधा हो रही है। अलीगंज, कलीचाबाद, शम्भूगंज, सवंशा, बक्शा और नौपेड़वा के अलावा सिरकोनी, जलालपुर, त्रिलोचन आदि स्थानों पर गिट्टियां बिखरी हुई हैं और गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इसी मार्ग पर त्रिलोचन महादेव का मंदिर है। इसी रास्ते से कांवरिया बक्शा में साईनाथ मंदिर जाते हैं। मिर्जापुर से जल लेकर आ रहे कांवरिया विजय कुमार और हरीलाल सोनकर का कहना है कि सड़कों की बदहाली के चलते उनके पांव में गिट्टियां धंसने से जख्मी हो गए हैं। उन्हें सोमवार को साइनाथ मंदिर पर जलाभिषेक करना है लेकिन चलना मुश्किल हो गया है। शंभूगंज निवासी प्रीतम गुप्ता ने बताया कि गड्ढों में पानी भरा है और जब वाहन गुजरते हैं तो उन पर छींटे पड़ते हैं। सुजानगंज गौरीशंकर धाम जाने वाली सड़क की हालत भी खराब है। इस मार्ग पर भी प्रयागराज से बड़ी संख्या में कांवरिए जल लेकर मंदिर पर आते हैं। इसके अलावा गांव गिरांव की जिन सड़कों से कांवरिए आते हैं उनमें से अधिकतर सड़कों की दशा खराब है। इस संबंध में एक्सईएन लोक निर्माण विभाग राधा कृष्ण का कहना है कि वाराणसी लखनई राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत की जिम्मेदारी अब एनएचएआई की है। रही बात गांव की सड़कों की तो बारिश के बाद ही मरम्मत का काम हो सकेगा।
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