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चार दिवसीय दुर्गोत्सव का आगाज: घट पूजन के साथ प्रतिमा स्थापना, बंगीय पूजा पंडालों में देवी का आह्वान; आराधना

Sat, 17 Oct 2026 02:23 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

चार दिवसीय दुर्गोत्सव का शुभारंभ घट पूजन और प्रतिमा स्थापना के साथ हुआ। बंगीय पूजा पंडालों में विधि-विधान से देवी का आह्वान किया गया। बोधन और अधिवास की धार्मिक परंपराओं के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू हुई। पंडालों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ने लगी है। अगले चार दिनों तक पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन होंगे।
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जगतगंज पर आकर्षक नजारा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि यानी शनिवार से शहर से लेकर गांव तक के पूजा पंडालों में मां भगवती की आराधना शुरू हो जाएगी। प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ विविध अनुष्ठान होंगे। साथ ही चार दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव का आगाज हो जाएगा। शुक्रवार को बाकी पूजा पंडालों में मां की प्रतिमाएं गाजे-बाजे के साथ पहुंच गईं। महाषष्ठी पर बंगीय पूजा पंडालों में पूजा शुरू हो गई। घट पूजा के साथ मां का आगमन हुआ। देवी का आह्वान कर उन्हें आमंत्रित किया गया और अधिवास कराया गया।

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शारदीय नवरात्र में घरों से लेकर मंदिरों तक देवी की आराधना पहले दिन से ही हो रही है। मगर, पूजा पंडालों में नवरात्र का उल्लास अब दिखने लगा है। शनिवार को हथुआ मार्केट, अर्दली बाजार, कचहरी, शिवपुर, नई सड़क, मछोदरी, जगतगंज, लंका, मंडुवाडीह, लहरतारा आदि इलाकों में विभिन्न थीम पर बने पूजा पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। शनिवार को प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ दुर्गा पूजा का उत्सव शुरू हो जाएगा। 

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शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, नगर के बंगीय पूजा पंडालों में शुक्रवार को महाषष्ठी से विविध धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। पांडेय हवेली, शिवाला से जंगमबाड़ी और दशाश्वमेध के बीच बनाए गए बंगीय पूजा पंडालों में मुहूर्त के अनुसार अनुष्ठान शुरू हुए। बंगाल से आए तीर्थ पुरोहितों और पुजारियों ने घट स्थापना कर देवी का आह्वान किया। मां का अधिवास कराने के साथ ही बंगीय परिवार मां की भक्ति में मगन हो गए।

भारत सेवाश्रम संघ, सिगरा और वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी के पांडेय हवेली स्थित पूजा पंडाल में कल्पारंभ, षष्ठी पूजा और देवी का बोधन कर उन्हें आमंत्रित किया गया। जंगमबाड़ी स्थित ईगल क्लब के पूजा पंडाल में षष्ठी पूजा के साथ अनामिका म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने महिषासुर मर्दिनी की विशिष्ट प्रस्तुति देकर देवी भक्ति का संचार किया। जिम स्पोर्टिंग, शारदोत्सव संघ, यूथ क्लब, यंग ब्वायज क्लब, अकाल बोधन, काशी दुर्गोत्सव सम्मिलनी और प्रभात तरुण संघ के पंडालों में बंगीय पुरोहितों ने पूजा कराई।

शनिवार को महासप्तमी पूजा होगी। मां दुर्गा की नवपत्रिका का प्रवेश कराया जाएगा और विविध अनुष्ठान होंगे। बंगीय पूजा पंडालों में 21 अक्तूबर को देवी प्रतिमाओं के विसर्जन तक विविध अनुष्ठान और सिंदूर खेला का उत्सव मनाया जाएगा। 19 अक्तूबर को संधि पूजा और कन्या पूजा होगी। 20 अक्तूबर को नवमी तथा 21 अक्तूबर को दशमी पर अपराजिता पूजा और प्रतिमा विसर्जन होगा।

स्वर्ण मंदिर व हवामहल की छवि
आकर्षक पूजा पंडाल आकार ले चुके हैं। कहीं अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की झलक दिखेगी तो कहीं जयपुर के हवामहल की छवि नजर आएगी। कचहरी के नवजीवन क्लब के पूजा पंडाल को जंगल का स्वरूप दिया गया है, तो अर्दली बाजार का पंडाल सोशल मीडिया की लत के खतरों से रूबरू करा रहा है। इस पंडाल के माध्यम से बच्चों को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए जाएंगे। प्रख्यात मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने बताया कि इस वर्ष बनाई गई सभी देवी प्रतिमाएं ईको-फ्रेंडली हैं। इनमें रंग-रोगन के लिए खड़िया, मिट्टी, रामरस, काजल और खाने योग्य रंगों का प्रयोग किया गया है। प्राकृतिक रंगों से मूर्तियों को आकार दिया गया है।

हथुआ मार्केट। - फोटो : अमर उजाला
कालरात्रि के दर्शन के साथ होगी महानिशा पूजा
नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि के दर्शन-पूजन होंगे। इसके साथ ही पूजा पंडालों में सप्तमी पूजा होगी। काली मंदिरों में महानिशा पूजा होगी। पंचक्रोशी मार्ग स्थित मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में मां कालरात्रि के दर्शन होंगे और महानिशा पूजा की जाएगी। महंत गोपाल गिरी ने बताया कि पूरी रात देवी जागरण होगा।

गरबा कर मां दुर्गा से की सुख-समृद्धि की कामना
वाराणसी। वनिता इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन एंड डिजाइन (वीआईएफडी) की ओर से शुक्रवार को ढोली तारो डांडिया इवनिंग का आयोजन हुआ। इसमें युवतियों और महिलाओं ने डांडिया और गरबा कर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम को मुख्यत: महिलाओं के लिए रखा गया। इसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित माहौल में उत्सव मनाने का अवसर देना था। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम में डांडिया स्टिक, डीजे, सेल्फी कॉर्नर और विभिन्न स्टॉल आकर्षण के केंद्र रहे। 

दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा के लिए 150 दमकल कर्मियों की तैनाती
वाराणसी। शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और पूजा स्थलों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। अब तक जिले में 85 दुर्गा पूजा पंडालों को अग्निशमन विभाग से अनुमति मिल चुकी है। अधिकारियों की टीमें स्थलों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करा रही हैं।  मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि नवरात्र के दौरान विभाग के 150 अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में जिम्मेदारी संभालेंगे। 

बिजली की आकर्षक सजावट। - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में दुर्गा पूजा शुरू, कुलपति ने की पूजा
बीएचयू में मधुबन लॉन में शुक्रवार का दुर्गा पूजा शुरू हो गई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने भी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना और पूजा की। पूजा में कुलसचिव राजन श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के निदेशकगण, संकाय प्रमुख और विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर, विद्यार्थी शामिल रहे। कुलपति ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और परिसर के समस्त समुदाय को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं। 
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12 फीट ऊंची ब्रह्मचारिणी प्रतिमा, भूत बंगला पंडाल
शारदीय नवरात्र में मंडुवाडीह में आदर्श स्पोर्टिंग क्लब 12 फीट ऊंची मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा स्थापित की है। पंडाल में भूत बंगला विषय की झलक दिखेगी। मां सफेद वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगी। शनिवार को पंडाल में पूजा शुरू हो जाएगी। चिरईगांव के महादेव पीजी कॉलेज में शुक्रवार को नवरात्र महोत्सव मनाया गया। छात्राओं ने देवी गीत, सामूहिक नृत्य और डांडिया प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय सेवा सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने हनुमान चालीसा पाठ किया और नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक किया।
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