पंचांगों में तिथियों की गणना के फेर से इस बार व्रत-त्योहारों की तिथियों में बदलाव हुआ है। इसका असर काशी की 488 साल पुरानी नाटी इमली की विश्वप्रसिद्ध भरत मिलाप लीला पर भी पड़ा है। विजयादशमी 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी, जबकि परंपरा के अनुसार इसके अगले दिन होने वाली भरत मिलाप लीला अब 22 अक्तूबर को होगी। आयोजकों के अनुसार, पहली बार विजयादशमी के अगले दिन के बजाय एकादशी तिथि पर लीला होगी। वहीं, अष्टमी और नवमी की पूजा 19 अक्तूबर को होगी।
श्रीचित्रकूट रामलीला समिति के व्यवस्थापक मुकुंद उपाध्याय ने बताया कि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी पापांकुशा एकादशी को नाटी इमली की भरत मिलाप लीला होती है। काशी के पंचांगों के अनुसार, इस बार एकादशी 22 अक्तूबर को पड़ रही है। इसलिए इसी दिन लीला होगी। उनका दावा है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि विजयादशमी के अगले दिन के बजाय दो दिन बाद भरत मिलाप की लीला होगी।