समूचा जिला शीत लहरी की चपेट में है। शनिवार को पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और आसमान में बादल छाए रहे। जहां-तहां बारिश की बूंदे भी पड़ीं।
इसके चलते ओला गिरने की आशंका से किसानों की धड़कन बढ़ गई। बूंदाबांदी को लेकर माना जा रहा है कि जल्द ही ठंड का कहर और बढ़ेगा। शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंच गया।
शनिवार को पुरुवा हवाओं के साथ आए बादल पूरे दिन आसमान में छाए रहे। इससे किसानों की धुकधुकी बढ़ गई। किसानों को ओला गिरने की आशंका सता रही है।
इससे किसानों के होश उड़े रहे। शनिवार को सुबह हुई तो आसमान में बादलों की धमक हो चुकी थी। कोहरा छाने की वजह से चारो तरफ धुआं-धुआं सा वातावरण बना रहा। सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से लोग ठंड से सिकुड़े रहे।
कोहरे और ठंड से यातायात भी प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं तो रोडवेज स्टेशन पर भी सन्नाटा पसरा रहा। सर्द हवाओं ने जनजीवन बेपटरी कर दिया।
लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह लोग अलाव के पास बैठे रहे। प्रशासन ने भी कई स्थानों पर अलाव जलवाने का दावा किया है, लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
शनिवार को शहर और आसपास के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। इससे ठंडक बढ़ गई। हवा के साथ बरसात के चलते लोग ठिठुरने लगे। बरसात को लेकर किसानों की धुकधुकी बढ़ी रही।
नौपेड़वा के किसान मेही लाल मौर्या ने कहा कि इस समय अगर बारिश हुई तो ओले भी गिर सकते हैं। इससे चना, मटर, अरहर, आलू आदि की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
करंजकला के किसान राजदेव प्रसाद यादव ने भी बारिश के कारण भारी नुकसान की आशंका जाहिर की। कहा कि इससे ठंड में भी अचानक इजाफा होगा, जो खतरनाक हो सकता है।