एआरटीओ कार्यालय पर छापेमारी की सूचना के मिलते ही दूकान बंद कर फरार हुए संचालक।
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जौनपुर। सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के अधिकांश काम आनलाइन हो गए हैं। इसके बावजूद दफ्तर में दलालों की सक्रियता रहती है। दलालों की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्रा ने मंगलवार को दोपहर में एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा। एक भी दलाल पकड़ में तो नहीं आया। ड्राइविंग लाइसेंस के बायोमीट्रिक टेबल पर 12 फार्म ऐसे मिले, जिस पर बीवाई कोड लिखा था। संबंधित लिपिक से इस बारे में पूछताछ की मगर कोई जानकारी नहीं दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने फार्म कब्जे में ले लिए और जांच शुरू कर दी।
सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होने के बाद भी एआरटीओ कार्यालय में दलालों की सक्रियता कम नहीं हुई है। हर काउंटर पर उनकी पैठ है। कार्यालय के बाहर आसपास की दुकानों पर मौजूद रहने वाले दलाल मोटी रकम ऐंठ कर सभी काम कराने का दावा करते हैं। विभागीय कर्मचारियों से भी उनकी सांठ-गांठ के आरोप लगते रहे हैं। डीएम तक भी इसकी शिकायत पहुंची थी। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी पुलिस फोर्स के साथ अचानक एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। अफसरों के वाहन देखते ही हड़कंप मच गया। कई लोग कार्यालय परिसर से भाग खड़े हुए। आसपास की दुकानों पर लगी भीड़ भी खत्म हो गई। पुलिस ने कइयों को दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। ड्राइविंग लाइसेंस काउंटर पर कतार लगाए अभ्यर्थियों से पूछताछ की। फोटों खिंचने वाले टेबल पर 12 फार्म बीवाई कोड लिखे पाए गए। इस कोड का संबंध किसी दलाल से ही जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि लिपिक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकता। सिटी मजिस्ट्रेट सभी फार्म अपने साथ ले गए और संबंधितों को कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
डीएम को परिवहन कार्यालय में दलालों की सक्रियता की शिकायत मिली थी। उनके निर्देश पर छापा मारा गया, लेकिन गाड़ी देखते ही दलाल भाग गए। बीवाई लिखे 12 फार्म कब्जे में लिए गए हैं। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -सहदेव मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट