जौनपुर। बच्चों को मिजल्स (खसरा) व रुबेला बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए चलाए गए टीकाकरण अभियान टीका लगवाने से वंचित जिले के 67 विद्यालयों के करीब सात हजार बच्चों के टीका लगाया जाएगा। इसके लिए 18 से 28 अगस्त तक अभियान चलेगा। जिले में 2799 विद्यालयों का संचालन हो रहा है। पहले चरण में 16 से 27 फरवरी तक चले टीकाकरण अभियान में 2732 विद्यालयों में बच्चों का टीका लगाया किया गया था।
इस अभियान करीब 2.15 बच्चों को टीकाकरण किया गया था। इस अभियान में 67 विद्यालयों के करीब 10 हजार बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए थे। अभियान के दौरान छूटे बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए 18 अप्रैल से अभियान शुरू होगा। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार कर लिया है। जिले में कक्षा 1 से 5 तक 2.25 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अभियान के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग, विकास विभाग व अन्य सहयोगी संस्थाओं में समन्वय स्थापित किया गया है।
सरकारी एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों व स्वास्थ्य उपकेंद्रों के सहयोग से सभी बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शुक्ल का कहना है कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। बच्चों के इसे समय पर लगवाने की जरूरत है। टीका लगने के बाद बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे वह बीमार नहीं पड़ते।
टीकाकरण के लिए 487 टीमें की गई गठित : छात्रों को बीमारी से बचाने के लिए आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।