मीरगंज। सरकार के कड़े निर्देशों के बाद ब्लॉक प्रशासन ने मानक पूरे न करने वाली गोशालाओं पर ताला भले ही लटका दिया हो, लेकिन धरातल पर इससे किसानों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गोशालाओं से मवेशियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के दावे के बावजूद गांव, गलियों और नेशनल हाईवे पर छुट्टा पशु बेखौफ टहल रहे हैं। ये पशु एक तरफ जहां किसानों की लहलहाती फसलों को चट कर रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। मछलीशहर ब्लॉक क्षेत्र की 92 ग्राम पंचायतों की व्यवस्था संभालने के लिए शुरुआती दौर में 8 गोशालाएं कटका, देवरिया, सेमरहो, भटहर, जरौना, कसेरवा, सराययसूफ और सहनी बनाई गई थीं। हाल ही में शासन की ओर से जारी नए आदेश में कहा गया था कि जिन गोशालाओं में क्षमता या मवेशियों की संख्या 100 से कम है, उन्हें बंद कर पशुओं को नजदीकी बड़ी गोशालाओं में शिफ्ट किया जाए। इसी फरमान के तहत कटका, देवरिया, सेमरहो और भटहर की गोशालाओं को पहले ही बंद किया जा चुका है, जबकि जरौना गोशाला पर भी ताला कसने का आदेश जारी हो गया है। अब पूरे ब्लॉक में केवल कसेरवा, सराययसूफ और सहनी में ही गोशालाएं संचालित हो रही हैं। गोशालाएं बंद होने और सड़कों पर छुट्टा पशुओं का जमघट लगने से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में आक्रोश है।
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जिन पशु आश्रय स्थलों में क्षमता या पशुओं की संख्या 100 से कम थी, उन्हें दूसरी गोशालाओं में स्थानांतरित किया गया है। भटहर और जरौना में जगह कम होने के कारण क्षमता बढ़ाना संभव नहीं है गांवों में जो पशु खुले में घूम रहे हैं, उन्हें भी अभियान चलाकर जल्द से जल्द गोशालाओं में भिजवाया जाएगा। - अंजलि भारतीया, बीडीओ मछलीशहर