जंघई से दो बच्चों को फुसला कर शुक्रवार को सूरत ले जा रहा अपहर्ता पकड़े जाने के भय से उन्हें इलाहाबाद के प्रयाग स्टेशन पर छोड़ कर भाग निकला।
बाद में पुलिस ने उसे मीरगंज थानाक्षेत्र के विरगही गांव से गिरफ्तार कर लिया। मीरगंज थाना क्षेत्र के जंघई कालोनी निवासी उदय प्रताप सिंह का 11 वर्षीय पुत्र अंकित और पड़ोस में मदन प्रसाद कसेरा का पुत्र पवन दोनों आरडी मेमोरियल कान्वेंट स्कूल के कक्षा पांच में साथ पढ़ते हैं। शुक्रवार को तीन बजे तक दोनों स्कूल से घर नहीं लौटे तो परिवारवाले खोजबीन करने लगे।
पता चला कि दोनों बच्चे स्कूल गए ही नहीं थे। शाम को अंकित के पिता उदय प्रताप सिंह के मोबाइल पर फोन आया कि उनका बेटा प्रयाग स्टेशन पर है। दोनों के घर वाले प्रयाग स्टेशन पहुंचे और बच्चों को लेकर घर आए। बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल के रास्ते में मोची का काम करने वाला अर्जुन आठ हजार रुपये महीने की नौकरी दिलाने का लालच देकर उन्हें सूरत ले जा रहा था।
जंघई स्टेशन से वह बच्चों को कामायनी एक्सप्रेस से लेकर रवाना हुआ। गाड़ी प्रयाग स्टेशन पर खड़ी थी तभी अंकित रोने लगा। इस पर वहां खड़े एक छात्र ने उससे रोने का कारण पूछा। खुद को फंसता देख अर्जुन वहां से खिसक गया। अंकित के नंबर बताने पर छात्र ने उसके पिता को फोन कर सूचना दी। बाद में मीरगंज पुलिस ने अर्जुन को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
एसआई सुरेंद्र दुबे के मुताबिक अर्जुन पुत्र राजमणि मूल रूप से रीवां मध्य प्रदेश का रहने वाला है। वह पिछले 15 साल से मीरगंज थानाक्षेत्र के विरगही गांव में रहकर मोची का काम करता है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके जीजा का सूरत में कारोबार है। उसके लिए उन्हें बच्चों की आवश्यकता थी। इन बच्चों को उन्हीं के पास ले जा रहा था।