मुंबई से जौनपुर होते हुए छपरा जाने वाली छपरा एक्सप्रेस के पीछे जेनरेटर रूम और एक जनरल बोगी में धुआं उठने से यात्रियों में भगदड़ मच गई। इसे देखते हुए चालक ने बीच रास्ते में ही ट्रेन को रोक दिया, जिसके बाद जनरल बोगी में सवार यात्री कूदकर भागने लगे। इसमें छह यात्री घायल हो गए, जिसमें एक यात्री का पैर फैक्चर हो गया। वहीं, एक घंटे बाद किसी तरह ट्रेन मड़ियाहूं स्टेशन पर लाई गई। जहां से एक घंटे से अधिक समय बाद गंतव्य के लिए रवाना हुई।
मुंबई से जौनपुर होते हुए छपरा जाने वाली गाड़ी नंबर 11059 छपरा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर चल रही थी। ट्रेन जंघई-जफराबाद रेल प्रखंड पर बरसठी क्षेत्र के भगवानपुर गांव के पास पहुंची थी कि करीब 12 बजकर 20 मिनट पर ट्रेन के पीछे जनरेटर की बोगी में से तेज धुआं निकलने लगा। लोग कुछ समझ पाते कि धुआं जेनरेटर रूम के बगल पीछे के जनरल बोगी में फैल गया। आग का हल्ला मचाते हुए यात्री और ट्रेन के गार्ड ने जंजीर खींची, साथ ही इसकी जानकारी ट्रेन के लोको पायलट को दी गई, जिसने स्थिति को समझते हुए ट्रेन को बरसठी व भन्नौर रेलवे स्टेशन के बीच मड़ियाहूं स्टेशन से 10 किमी पहले ही रोक दिया। आग लगने की खबर फैली तो लोग कूदकर भागने लगे। ट्रेन में मौजूद यात्रियों के मुताबिक बोगी में ही एक-दूसरे के ऊपर और धक्का-मुक्की करते हुए लोग भागने लगे। इस दौरान सना (5) निवासी बेल्थरा बलिया, अरबा (18) निवासी सिवान बिहार , राधेश्याम (12) निवासी ग्राम मेजा मड़ियाहूं, आकाश (21) निवासी बेल्थरा, बलिया, विनोद कुमार (45) शाहगंज, राजकुमार (30) खेतासराय घायल हो गए। सभी घायलों को एसी कोच में लाकर प्राथमिक उपचार किया गया। लेकिन, राधेश्याम का पैर टूट गया। वहीं, यहां ट्रेन 12:20 से 1:20 तक खड़ी रही। इस दौरान एसी कोच के टेक्नीशियनों ने जांच पड़ताल कर निकल रहे धुएं को बंद किया। इसके बाद ट्रेन को मड़ियाहूं स्टेशन ले जाया गया। जहां दोपहर 2.37 बजे धीमी गति से ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया। वहीं, ट्रेन के साथ चल रहे गार्ड फूलचन्द ने बताया कि ट्रेन में ब्रेक ब्राडिंग हुई, जिससे प्रेशर नहीं बन पाया। इस कारण दिक्कत हुई। ट्रेन धीमी गति से 2.37 बजे जौनपुर के लिए रवाना हुई।