बदलापुर के शाहपुर गोशाला के पास मंगलवार की सुबह में पुलिस ने मुठभेड़ में एक लाख के ईनामियां बदमाश सुमित सिंह उर्फ मोनू चवन्नी को मार गिराया गया था। दिनभर पोस्टमार्टम के बाद देर शाम को उसके बड़े भाई ने रामघाट पर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
मऊ के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के इमिलिया निवासी सुमित पर यूपी, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह बिहार के शहाबुद्दीन गैंग का मुख्य शूटर भी था। जौनपुर के सिंगरामऊ थाना में मार्च 2024 को मोनू ने अपने साथी के साथ मिलकर फायरिंग करके रंगदारी मांगी थी। तब से जौनपुर एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा को इसकी तलाश थी। इसके लिए लंबे समय से एसटीएफ, स्वाट, पुलिस की टीम काम कर रही थी। मुठभेड़ के बाद जौनपुर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम पचहटिया में कराया गया। जहां पहुंचे उसके बड़े भाई अमित सिंह को शव सौंपा गया। भाई के साथ सात-आठ की संख्या में और भी लोग आए थे। शव को पोस्टमार्टम हाउस से लोग पचहटिया स्थित रामघाट पर ले गए। जहां शाम सात बजे बड़े भाई अमित सिंह ने मुखाग्नि दी। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और किसी बड़े अपराधी के शामिल होने पर नजर रखी गई। तीन-चार घंटे तक चिता जलने के बाद सारे क्रिया कर्म होने पर परिजन और पुलिस कर्मी रवाना हुए। वहीं पुलिस की तरफ से मुठभेड़ के दौरान फरार दो साथियों की तलाश भी की जा रही है। इसके लिए मोनू चवन्नी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।
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वर्जन ...
एक लाख के ईनामियां मोनू चवन्नी का मुठभेड़ के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। फिर शव को उसके बड़े भाई को सौंप दिया गया। उसको मऊ न ले जाकर परिजनों ने रामघाट पर ही अंतिम संस्कार कर दिया। मोनू चवन्नी के अन्य साथियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।
-डॉ. अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक