स्थानीय थाना क्षेत्र के लखनीपुर गांव में हाईवे के किनारे स्थापित डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा सोमवार की रात अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दी। सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। भनक लगते ही बसपा के कई नेता भी मौके पर पहुंच गए। लोग अराजक तत्वों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराकर उसकी पेंटिंग कराई और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
लखनीपुर गांव में वर्ष 2002 में डॉ आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। हाईवे के किनारे स्थापित प्रतिमा स्थल पर रोज सुबह गांव के लोग टहलने के लिए आते हैं। मंगलवार को भी गांव के लोग सुबह जब प्रतिमा के पास पहुंचे तो देखा कि डॉ आंबेडकर की प्रतिमा का चेहरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसे देख लोगों ने शोर मचाया तो गांव के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर थानाध्यक्ष बक्शा वशिष्ठ यादव पुलिस बल के साथ पहुंच गए। थोड़ी ही देर में बसपा के वाराणसी मंडल प्रभारी ओमप्रकाश गौतम, मल्हनी विधानसभा अध्यक्ष संजय गौतम, जिला सचिव अजय कुमार गौतम, जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र कुमार यादव, रामआश्रय गौतम समेत बस्ता के कई स्थानीय नेता भी पहुंच गए। लोग अराजक तत्वों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया और क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराकर उसकी पेंटिंग भी करा दी। इस संबंध में थानाध्यक्ष वशिष्ठ यादव का कहना है कि डॉ आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त करने के मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। जल्द ही अराजक तत्वों का पता कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।