जौनपुर। शहर के तिराहे-चौराहों की तस्वीर अब बदलने लगी है। जन सहयोग से इन तिराहे-चौराहों का कायाकल्प कराया जा रहा है। इन चौराहों को मैहर माता, महापुरुषों, ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ स्वर कोकिला लता मंगेशकर के भी नाम से भी तिराहे-चौराहे पहचाने जाएंगे, जहां उनकी मूर्तियां लगाई जाएंगी।
शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों को सुंदर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों का चयन किया गया है। इनका जन सहयोग से कायाकल्प कराया जा रहा है। इसके लिए सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, उद्यमियों और संभ्रातजनों से सहयोग मांगा गया है, जो प्रशासन की सहमति पर अपनी इच्छानुसार एक-एक चौराहों का कायाकल्प करा रहे हैं। इनमें पंचहटिया चौराहा, सिपाह चौराहा, वाजिदपुर तिराहा, पालीटेक्निक चौराहा, मुरादगंज तिराहा, कलीचाबाद तिराहा, सद्भावना तिराहा, नईगंज तिराहा, रोडवेज तिराहा, पीडब्ल्यूडी डाक बंगला तिराहा, कुत्तुपुर तिराहा, आंबेडकर तिराहा, गांधी तिराहा शामिल है। इन चौराहों को जनसहयोग से आकर्षक बनाया जा रहा है। इससे तिराहे-चौराहे से गुजरने वालों को उस चौराहे की याद जरूर आए। इसके लिए, तिराहे-चौराहे का कायाकल्प कराने वाले लोग भी इस बात का ध्यान रखते हुए काम करा रहे हैं। वाराणसी मार्ग पर लाइन बाजार में पीडब्ल्यूडी चौराहे को वाराणसी की कलाकृतियों को दर्शाते हुए तैयार किया गया है। वहीं, जेसीज चौराहे का सुंदरीकरण किया गया था। इस चौराहे को सुंदर बनाने के लिए करीब 20 फीट ऊंचे राजस्थान के पत्थर के खंभे पर हाथी पर शेर को बनाया गया है, जो दूर से ही दिखाई दे रहा है। इससे यह चौराहा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं, सिपाह में अशोक स्तंभ पर आधारित तिराह तैयार किया गया है। जौनपुर रोडवेज डिपो के तिराहे को मां शारदा (मैहर माता) के नाम पर विकसित किया जा रहा है। वहीं, कलीचाबाद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर लगाते हुए चौराहे का सुंदरीकरण कराने का काम चल रहा है। इसे वाराणसी के कचहरी के पास बने तिराहे के रूप में विकसित किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर शहर के तिराहे-चौराहों का कायाकल्प कराया जा रहा है। जन सहयोग से प्रशासन की सहमति पर तिराहे-चौराहे को संवारा जा रहा है। वाजिदपुर तिराहे का कायाकल्प लता मंगेशकर की याद में कराया जा रहा है। इसके निर्माण होने से एक अच्छा लुक आएगा लेकिन अभिलेख में किसी तिराहे-चौराहे का नाम नहीं बदला जा रहा है। - हिमांशु नागपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट