केराकत। ब्लाॅक कार्यालय में बुधवार को अखबार की पड़ताल में अधिकांश अधिकारी अपनी-्अपनी कुर्सियों से नदारद मिले। केवल कुछ कर्मचारी ही अपने कार्यालय में मौजूद मिले। अखबार की टीम सुबह 10.15 बजे कार्यालय परिसर पहुंची। सबसे पहले खंड विकास अधिकारी पवन कुमार के कक्ष में झांका गया। वहां केवल एक सफाईकर्मी सफाई करता मिला, सभी कुर्सियां ख़ाली रहीं। पूछने पर उसने बताया कि साहब अभी नहीं आए हैं। इसके बाद एडीओ पंचायत जय यादव के कक्ष में टीम पहुंची तो यहां भी कुर्सियां खाली थी। वहां उपस्थित एक व्यक्ति ने अपना नाम हंसराज बताया और कहा कि वह सफाईकर्मी है तथा एडीओ पंचायत साहब अभी नहीं आए हैं। ऐसा ही हाल एडीओ आईएसबी रामराज प्रसाद के कार्यालय का भी रहा। वहां मौजूद कर्मचारी आशीष ने बताया, साहब आमतौर पर 11 या 12 बजे तक आ जाते हैं। बगल के कक्ष में लेखाकार जितेंद्र सिंह मोबाइल पर बातचीत में लगे थे। सामने की ओर बैठे मनरेगा लेखा सहायक जसवंत एवं एक अन्य कर्मचारी भी अपने-अपने मोबाइल में व्यस्त दिखे। अधिकतर कक्षों में ताले लटकते मिले। मनरेगा सेल और सेक्योर लैब के दोनों कक्षों पर ताले लटकते मिले। इस बीच घड़ी 10.30 का समय दिखा चुकी थी, तभी खंड विकास अधिकारी पवन कुमार कार्यालय पहुंचे और अपनी कुर्सी पर बैठ गए। बीडीओ से विलंब का कारण पूछा गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि गोशाला की स्थिति का निरीक्षण करने गया था, इसीलिए देर हुई। अन्य कर्मचारी व अधिकारियों को समय से आने को कहा गया है। जो भी अनुपस्थित हैं उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
सुबह 10 बजे अधिकारी का कार्यालय में रहना अनिवार्य- शासन का स्पष्ट निर्देश है कि सभी अधिकारी सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें। इसके बाद ही क्षेत्र का भ्रमण करें।