केंद्र सरकार की तरह मकान का किराया और अन्य भत्ता दिए जाने की मांग को लेकर शिक्षक कर्मचारी समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपकर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की।
शिक्षक और कर्मचारियों का विनियमितिकरण किए जाए, वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, नई पेंशन व्यवस्था को खत्म कर पुरानी पेंशन नीति लागू की जाए। जून 1991 में नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने का
आदेश जारी किया गया है लेकिन पुरानी सेवा को जोड़कर आनुसंगिक लाभ नहीं दिया जा रहा है , उसका लाभ दिया जाए।
फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को मोटर साइकल का भत्ता दिया जाए और सीयूजी सिस्टम से जोड़ा जाए।
केंद्र सरकार के सुझाव के बाद डीआरडीए राजकीय सेवा में नहीं जोड़ा गया। उनका समायोजन किया जाए। चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति की जाए। बीमारी में उपाचार के लिए सुविधा दी जाए। 20 वर्ष से संविदा पर कार्यरत जिन कर्मचारियों की
सेवाएं समाप्त कर दी गई है उसे बहाल किया जाए। समिति के कोआर्डिनेटर संतोष कुमार ंसिंह ने कहा कि नौ अगस्त को समिति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। जिसमें प्रदेश के तमाम शिक्षक और
कर्मचारी हिस्सा लेंगे। ज्ञापन देेने वालों में अरविंद शुक्ल, राजेंद्र यादव, लक्ष्मीकांत सिंह, रवींद्र यादव, राजबहादुर यादव, रामदेव मिश्र, डा. इश्वरलाल यादव, सोम वर्मा, अजय मिश्र, प्रेमधर उपाध्याय, कल्लूराम, इम्तियाज, प्रदीप सिंह, अच्चेलाल आदि मौजूद थे।