जौनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिल्पी चतुर्वेदी की अदालत ने प्रतिबंधित धागा से पतंग उड़ाने वाले 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ वाद दर्ज करते हुए थाना लाइन बाजार से आख्या तलब की है। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता आशीष शुक्ल व शिवराज यादव 13 जनवरी को कोर्ट से घर जाते समय शास्त्री पुल शेषपुर पर पतंग उड़ाने वाले प्रतिबंधित धागे में फंसकर घायल हो गए थे। दोनों लोग बाइक से जा रहे थे। उन्हें मांझे में फंसता देख पुल के पश्चिम दिशा स्थित मैदान और छत पर खड़े होकर पतंग उड़ा रहे कुछ लोग उत्सव मनाने लगे। दोनों लोगों की तरफ इशारा कर तालिया बजाने लगे। पीड़ितों ने मांझे से किसी तरह अपनी जान बचाकर प्रारंभिक इलाज के बाद घटना की सूचना लाइन बाजार थाने पर व उच्चाधिकारियों को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ितों अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल कर कार्रवाई की मांग की। वादी आशीष कुमार शुक्ला ने अपने अधिवक्ता विकास तिवारी के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया कि चीनी मांझा और प्रतिबंधित नायलॉन धागा व प्रतिबंधित सिंथेटिक तथा गैर बायोडिग्रेडेबल मांझे खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उच्च न्यायालय के राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली के निर्णय को लागू करने में प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा है। चीनी मांझा, नायलॉन मांझा से मनुष्यों के अलावा पक्षी, बंदर भी बार-बार घायल हो रहे हैं।
तीन महीने में हुई तीन मौतें : जिले में बीते तीन महीनों में अब तक तीन लोगों की मांझे से गला कटने के कारण मौत हो चुकी है। इसके अलावा दस से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।