शासन के निर्देश के बावजूद भी जिले के पुलिस अफसर थानों की हवालात नहीं झांक रहे हैं। थानेदार छोटे-छोटे मामलों में भी लोगों को हवालात में बंद कर उनसे सौदेबाजी कर रहे हैं।
इसकी आड़ में लाखों की कमाई की जा रही है। जिले में किसी भी एसओ के खिलाफ बिना केस दर्ज किए हवालात में बंद करने के मामलों में कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट का निर्देश है कि सात साल के कम सजा वाले केस में किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
लेकिन जिले की पुलिस शांति व्यवस्था के नाम पर कहासुनी के मामलों में भी लोगों को दो से तीन दिन तक थाने में बंद कर रही है। हाल ही में रामपुर थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ चार लोगों ने दुष्कर्म किया।
पीड़ित किशोरी की मां ने पुलिस से गुहार लगाई तो चार लोगों को तत्कालीन एसओ ने थाने बुला लिया। उन्हें हवालात में बंद करने के बाद युवती की अस्मत की सौदेबाजी शुरू हुई। सभी से लाखों रुपये मांगे गए।
संयोग से इसकी भनक एसपी रामप्रताप सिंह को लगी तो उन्होंने जांच के लिए सीओ को भेजा। इसके बाद इस मामले की न सिर्फ पोल खुल गई बल्कि एसओ को केस भी दर्ज करना पड़ा। यह घटना तो सिर्फ बानगी भर है। ऐसी खेल सभी थानों में चल रही है।