पुलिस लाइन में अधिशासी अधिवक्ता को सम्मानित करते डीजी अभियोजन डा. सूर्य कुमार शुक्ल।
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पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (अभियोजन) डा. सूर्य कुमार शुक्ल ने न्यायालय वार अपराधिक घटनाओं की समीक्षा किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर गवाहों को अपराधियों द्वारा धमकाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाय तथा उनकी जमानत रद्द करायी जाय।
उन्होंने कहा है कि वर्तमान शासकीय वर्ष में प्रदेश की विभिन्न अदालतों द्वारा 39 हजार अड़सठ अपराधियों को विभिन्न अभियोगों में सजा दी गई है, जिसमें जघन्य अपराधों में 35 अपराधियों को फांसी की सजा हुई है। डीजी अभियोजन ने कहा कि प्रदेश की अदालतों ने अबतक 3 हजार अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिन 35 अपराधियों को फासी की सजा दी गई है उसमें दो आतंकवादी भी शामिल हैं। इन पर जौनपुर में 28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी एक्सप्रेस में बम विस्फोट कांड के आरोपी आलमगिर उर्फ रोनी और ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी थानों के सामने निष्प्रयोज्य 2 लाख 81 हजार वाहनो को निस्तारित किया गया है। 2 लाख 3 सौ 79 अपराधियों को जेल भेजा गया है। उन्होेंने अच्छे कार्य करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं और पुलिस को सम्मानित किया। इस मौके पर एसपी अतुल सक्सेना, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी अरूण आदि मौजूद रहे।